तिरुपति लड्डू विवाद मामले में सख्त हुई जांच, 9 सदस्यीय SIT की टीम खंगालेगी सबूत
आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में चढ़ाए जाने वाले लड्डू में कथित रूप से पशु चर्बी मिलाए जाने के मामले की जांच के लिए नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) नियुक्त किया है।
- Written By: दीपिका पाल
तिरुपति लड्डू विवाद में SIT (सौ.सोशल मीडिया)
अमरावती: दुनिया का प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर इन दिनों विवादों में चल रहा है लड्डू में चर्बी मिलाए जाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके साथ ही मामले से जुड़ी कई अपडेट्स भी सामने आ रही है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में चढ़ाए जाने वाले लड्डू में कथित रूप से पशु चर्बी मिलाए जाने के मामले की जांच के लिए नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) नियुक्त किया है।
इस टीम की जांच से कई सबूत और तथ्य सामने आ सकते है जो अब तक मामले से दूर है। बता दें पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी 28 सितंबर को तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करेंगे।
सरकार ने पूर्व जगन सरकार पर लगाए थे आरोप
आपको बताते चलें कि, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हाल में आरोप लगाया था कि राज्य में युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की पूर्ववर्ती सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और लड्डुओं को बनाने के लिए घटिया सामग्री एवं पशु चर्बी का इस्तेमाल किया गया। उन आरोपों के कारण देश में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया और करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुईं।
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एसआईटी की जांच से खुलेंगे कई फेक्ट
मुख्य सचिव नीरभ कुमार प्रसाद ने बीते दिन गुरुवार देर रात जारी आदेश में कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की पवित्रता की रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत, पूरे मामले की विस्तृत और व्यापक जांच करने के लिए एक एसआईटी गठित करना आवश्यक समझा है।” टीटीडी तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है।
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बता दें कि,मुख्यमंत्री नायडू ने 22 सितंबर को घोषणा की थी कि लड्डू में मिलावट किए जाने के आरोपों की जांच एसआईटी करेगी। एसआईटी का नेतृत्व गुंटूर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी और अन्य पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। वाईएसआरसीपी नेताओं ने कहा कि ऐसी एजेंसी से आरोपों की जांच कराना पर्याप्त नहीं है जो मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करती है और उन्होंने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराए जाने की मांग की। इससे पहले पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता पी सुधाकर रेड्डी ने कहा था कि लड्डू संबंधी आरोपों की जांच नायडू के अधीन काम करने वाली एजेंसी को नहीं करनी चाहिए।
नायडू के पापों का प्रायश्चित करेंगे जगन
आपको बताते चलें कि, तिरुपति बालाजी विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी आज 27 सितंबर को तिरुमाला मंदिर पहुंच रहे है जहां पर विश्राम करेंगे। इसके साथ ही वे दूसरे दिन 28 सितंबर को तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करेंगे। जगन रेड्डी ने लोगों से 28 सितंबर को आंध्र प्रदेश के मंदिरों में पूजा-अर्चना में भाग लेने का आह्वान किया था। इसे लेकर जगन रेड्डी ने कहा था कि, वे मंदिर पहुंचकर मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा कथित तौर पर किए गए पाप का प्रायश्चित करेंगे।
