महातबाही की आहट! म्यांमार में आई कयामत के बाद भारत पर खतरा, इस राज्य में डोली धरती
नवभारत डेस्क: नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, मंगलवार को लद्दाख में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का झटका शाम 5:38 बजे दर्ज किया गया, जिसका केंद्र लेह में 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
बता दें कि म्यांमार में पिछले सप्ताह आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 2700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग घायल हुए हैं और राहत कार्य लगातार जारी है। भूकंप के बाद मलबे से शवों को निकालने का सिलसिला अभी भी जारी है।
EQ of M: 4.2, On: 01/04/2025 17:38:42 IST, Lat: 35.37 N, Long: 76.93 E, Depth: 10 Km, Location: Leh, Ladakh.
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शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे म्यांमार में जोरदार भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 7.7 मापी गई। धरती के लगातार हिलने से भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है। इस भूकंप का असर पड़ोसी देशों बांग्लादेश, चीन, लाओस और थाईलैंड में भी देखा गया। इसके झटके दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किए गए। अमेरिकी वैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.7 मापी गई थी। वहीं, भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने संशोधित आंकड़ों के आधार पर इसकी तीव्रता 7 दर्ज की। यह शक्तिशाली भूकंप भारत के पड़ोसी देश के सागाइंग क्षेत्र में आया।
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भूकंप क्यों आता है?
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।