किन्नरों की मनमानी पर लगेगी लगाम, हिमाचल में एक और पंचायत ने शगुन राशि की दरें की तय
इन दोनों पंचायतों के इस फैसले के बाद किन्नर समुदाय के लोग अब यहां शगुन के तौर पैसे मांगने को लेकर अपनी मनमानी नहीं कर सकेंगे। उन्हें सूची में निर्धारित तय राशि ही दी जाएगी।
- Written By: रीना पंवार
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक और ग्राम पंचायत ने शादी व बच्चे के जन्म जैसे शुभ मौकों पर किन्नरों को दी जाने वाली शगुन राशि की दरें तय कर दी हैं। इसे लेकर पंचायत ने एक सूची तैयार की है। इस सूची में विभिन्न मौकों पर किन्नरों के लिए अलग-अलग शगुन राशि की दरें निर्धारित की गई हैं। पंचायतों के इस फैसले से अब यहां किन्नर समुदाय के लोग अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। इससे पहले दारूही ग्राम पंचायत में भी इसी तरह की पहल हुई थी।
दारूही ग्राम पंचायत को कई दिनों से जबरन पैसे मांगने की शिकायतें मिल रही थी जिसके बाद ग्राम पंचायत यह फैसला लेते हुए किन्नरों को दी जाने वाली शगुन राशि तय कर दी। इसके साथ ही इस ग्राम पंचायत ने पिछले महीने यह फैसला भी किया था कि बिना उसकी अनुमति के गांव में कोई फेरीवाला नहीं आएगा।
दारूघनपट्टी कोट पंचायत ने लिया फैसला
इस कड़ी में अब दारूघनपट्टी कोट पंचायत ने भी ऐसा ही फैसला किया है। यहां भी जबरन पैसे मांगने को लेकर लोग परेशान थे। इन दोनों पंचायतों के इस फैसले के बाद किन्नर समुदाय के लोग अब यहां शगुन के तौर पैसे मांगने को लेकर अपनी मनमानी नहीं कर सकेंगे। उन्हें सूची में निर्धारित तय राशि ही दी जाएगी।
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पालन न करने पर पंचायत करेगी कार्रवाई
दारूघनपट्टी कोट ग्राम पंचायत के प्रधान गुलशन कुमार ने शुक्रवार को बताया कि पंचायत ने बच्चे के जन्म पर 2100 रुपये तथा शादी-विवाह के अवसर पर 3100 रुपये की राशि निर्धारित की है। पंचायत के आदेशों का पालन न करने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का भी प्रावधान किया गया है। ग्राम प्रधान ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने पंचायत सदस्यों से शिकायत की थी कि किन्नर जबरन पैसे वसूल रहे हैं और उनकी ओर से मांगे गए पैसे न दे पाने वाले कुछ लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस शिकायत के बाद ही यह निर्णय लिया गया। ग्राम पंचायत ने अपने इस निर्णय को लेकर गुरूवार को हमीरपुर के जिलाधिकारी को निर्णय की एक प्रति भी सौंपी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
