डॉक्टर से जांच करवाता मरीज (सौ. फ्रीपिक)
Preventive Health Checkups: हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समय पर बीमारियों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट के महत्व को समझाना है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और बिगड़े हुए खानपान के कारण बीमारियां शरीर में धीरे-धीरे घर करने लगती हैं जिनका पता अक्सर तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो जाती है।
आजकल कम उम्र में ही लोग मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का शिकार हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार भारत में करीब 20 फीसदी वयस्क हाई बीपी से पीड़ित हैं लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। इसी तरह प्रीडायबिटीज, किडनी रोग और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां बिना किसी खास लक्षण के शरीर में पनपती रहती हैं। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सभी वयस्कों को साल में कम से कम एक बार फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाना चाहिए।
हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण नहीं दिखते लेकिन यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
भारत में डायबिटीज के मरीजों का आंकड़ा 10 करोड़ के पार हो गया है। साल में एक बार फास्टिंग और पोस्ट-लंच शुगर टेस्ट कराना अनिवार्य है।
गलत खानपान से युवाओं में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है। HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच हृदय रोगों से बचाव में मदद करती है।
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किडनी की बीमारियों का शुरुआती स्तर पर पता लगाने के लिए यह टेस्ट बहुत जरूरी है ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके।
लिवर शरीर का मुख्य डिटॉक्सिफिकेशन ऑर्गन है। वायरल इंफेक्शन और खराब डाइट से लिवर को होने वाले नुकसान की पहचान इस टेस्ट से होती है।
वजन में अचानक बदलाव, थकान और मानसिक स्वास्थ्य के लिए TSH, T3 और T4 टेस्ट कराना जरूरी है खासकर महिलाओं के लिए।
विटामिन D, B12 और आयरन की कमी से एनीमिया और हड्डियों की कमजोरी हो सकती है, इसलिए इनकी सालाना जांच जरूरी है।
विजन संबंधी समस्याओं और दांतों की कैविटी को नजरअंदाज करना पूरे शरीर की सेहत को प्रभावित कर सकता है।
अगर गैस या अपच की समस्या रहती है, तो अल्ट्रासाउंड या कॉलोनोस्कोपी के जरिए पेट की बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।
ओवरवेट या अंडरवेट होना कई बीमारियों का निमंत्रण है। सालाना BMI चेक करवाकर आप अपने स्वास्थ्य को नियंत्रित रख सकते हैं।
इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर संकल्प लें कि आप अपनी सेहत को प्राथमिकता देंगे और नियमित जांच के जरिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करेंगे।