Vitamin D Deficiency Symptoms:विटामिन D हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्वों से एक है जो हड्डियों को मजबूत बनाने, इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। इसे 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसकी कमी होने पर शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं, जिनमें हड्डियों में दर्द, कमजोरी, थकान, बार-बार बीमार पड़ना और मूड से जुड़ी परेशानियां शामिल हैं।
हालांकि, कई लोग विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए सीधे सप्लीमेंट्स खाना पसंद करते है। जबकि कुछ प्राकृतिक तरीकों की मदद से भी इसके स्तर को बढ़ाया जा सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, विटामिन डी की कमी से शरीर कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता, जिससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए अपनी डाइट में विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
विटामिन डी की कमी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। इसके अलावा, संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता हैं।
पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान महसूस हो रही है तो यह विटामिन डी की कमी हो सकती हैं।
विटामिन डी की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आने लगती हैं। बार-बार थकान महसूस होना, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या मांसपेशियों में कमजोरी विटामिन डी की कमी के संकेत हो सकते हैं
विटामिन डी की कमी से स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी आने लगता हैं। विटामिन डी का संबंध मानसिक स्वास्थ्य से भी है। इसकी कमी से मूड स्विंग्स, तनाव और उदासी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सुबह 8 से 11 बजे के बीच 15–30 मिनट तक धूप में बैठना या टहलना शरीर में विटामिन डी के प्राकृतिक निर्माण में मदद करता है। अगर आप नॉन वेज खाते हैं तो अपनी डाइट में सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियां शामिल करें, ये विटामिन डी के अच्छे स्रोत मानी जाती हैं।
ये भी पढ़ें-Lauki Kalakand: गर्मी के मौसम में अपने हाथों से बनाएं ‘लौकी कलाकंद’, ऐसी मिठाई जो सेहत के लिए भी संजीवनी सी
अंडे की जर्दी में भी थोड़ी मात्रा में विटामिन D पाया जाता है, जिसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। एक्टिव लाइफस्टाइल हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है और शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।
यदि आपको लंबे समय से हड्डियों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, बार-बार संक्रमण या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन डी की जांच करवाना बेहतर होता है।