क्या होती हैं थ्रोम्बोसिस की बीमारी, जानिए ब्लड क्लॉटिंग के रिस्क को कम करने के लिए टिप्स

विश्व थ्रोम्बोसिस को दुनियाभर में 13 अक्टूबर को हर साल मनाने की शुरुआत हुई थी।इस थ्रोम्बोसिस बीमारी की स्थिति में अक्सर मरीज के ब्लड वेसल्स के अंदर ब्लॉक्टस बनते हैं जो कई बार इतने गंभीर होते हैं कि, स्ट्रोक आने की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है।
Thrombosis, हेल्थ
ब्लड क्लॉटिंग के रिस्क (सौ.सोशल मीडिया)
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World Thrombosis Day 2024: आज 13 अक्टूबर को दुनियाभर में थ्रोम्बोसिस बीमारी के प्रति जागरूकता दर्शाने के लिए विश्व थ्रोम्बोसिस दिवस मनाया जा रहा है। यह बीमारी के कई मामलें देखने के लिए मिलते हैं लेकिन उचित समय पर इलाज नहीं मिल पाने की वजह से सेहत पूरी तरह बिगड़ जाती है। इस थ्रोम्बोसिस बीमारी की स्थिति में अक्सर मरीज के ब्लड वेसल्स के अंदर ब्लॉक्टस बनते हैं जो कई बार इतने गंभीर होते हैं कि, स्ट्रोक आने की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में हम आपको आज इस लेख के जरिए विश्व थ्रोम्बोसिस दिवस के बारे में और अगर ब्लड क्लॉटिंग का खतरा बढ़ जाए तो, इसे कम करने के कई टिप्स से जिसके बारे में हर कोई नहीं जानते है।

जानिए कब हुई विश्व थ्रोम्बोसिस दिवस की शुरुआत

यहां पर विश्व थ्रोम्बोसिस को दुनियाभर में 13 अक्टूबर को हर साल मनाने की शुरुआत हुई थी। इसे लेकर कहा जा रहा हैं कि, इस दिवस की स्थापना 2014 में ISTH द्वारा डॉ. रुडोल्फ विरचो के जन्मदिन के सम्मान में की गई थी, जो 19वीं सदी के एक अग्रणी जर्मन चिकित्सक थे, जिन्होंने पहली बार थ्रोम्बोसिस के तंत्र को पहचाना और उसका वर्णन किया था। यहां पर असल मायने में थ्रोम्बोसिस वह बीमारी हैं जो मृत्यु और विकलांगता का एक प्रमुख कारण माना गया है। वहीं इस दिवस का महत्व ब्लड क्लॉटिंग से होने वाली रोकी जा सकने वाली मौतों और जटिलताओं को रोकने पर किए जा रहे फोकस से जुड़ा माना गया है। विश्व थ्रोम्बोसिस दिवस थ्रोम्बोसिस के वैश्विक बोझ को कम करने और हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने में योगदान देता है।

जानिए ब्लड क्लॉटिंग का खतरा कम करने के टिप्स

यहां पर थ्रोम्बोसिस बीमारी के तहत ब्लड क्लॉटिंग की स्थिति बनी रहती है इसमें खतरा जब बढ़ जाए तो इससे निजात पाने के लिए आज हम कुछ टिप्स के बारे में बता रहे हैं जो आपके लिए मददगार साबित होगी।

1- अगर आप ब्लड क्लॉटिंग के खतरे से बचना चाहते हैं तो आपको फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान देना चाहिए। कहते हैं एक्सरसाइज करने से वैस्कुलर हेल्थ को बढ़ाती हैं और डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) के खतरे को कम किया जा सकता है।

2- अगर आपके ऑफिस का काम लंबी सीटिंग वाला हैं तो आपको ब्लड शरीर में जमा होने की शिकायत हो सकती है। पैरों में खून ना जमा हो जाए इसके लिए आप पैरों को हिलाने और स्ट्रेच करने का तरीका अपनाएं और ब्रेक लेते रहे इससे समस्या बड़ी नहीं होगी।

3- शरीर में भरपूर पानी की मात्रा होनी चाहिए अजर इसमें कमी हो जाए तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। इस समस्या में अक्सर खून गाढ़ा हो जाता हैं जो ब्लड क्लॉटिंग की समस्या को बढ़ा देता है।

4-ब्लड क्लॉटिंग या फैक्टर वी लेडेन जैसे क्लॉटिंग डिसऑर्डर का पारिवारिक इतिहास आपके थ्रोम्बोसिस के जोखिम को बढ़ाता है इस स्थिति में अक्सर आनुवंशिक कारण होता हैं जो जोखिम के लिए जिम्मेदार है।

5-धूम्रपान आपको नहीं करना चाहिए इस स्थिति की वजह से ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है और थक्के बनने का जोखिम बढ़ाता है. सिगरेट में निकोटीन और अन्य केमिकल ब्लड वेसल्स में सूजन पैदा करते हैं, जिससे थक्के बनने को बढ़ावा मिलता है।

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