अपना नाम सुनकर रिस्पॉन्स नहीं करते बच्चे, जानिए क्या है ऑटिज्म की समस्या के लक्षण, ये रखें ध्यान
ऑटिज्म न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, सामान्य तौर पर इसके लक्षण 12 से 18 माह की आयु में सामने आने लगते हैं. ऑटिज्म की इस समस्या को समझे तो, यह परेशानी बच्चे में तीन साल की उम्र से ही नजर आने लगती है।
- Written By: दीपिका पाल
बच्चे में नजर आते हैं ऑटिज्म के लक्षण (सोशल मीडिया)
दुनियाभर में हर साल की तरह 18 जून को पूरी दुनिया में ऑटिस्टिक प्राइड डे (Autistic Pride Day) मनाया जाने वाला है यह दिन ऑटिज्म (Autism) से पीड़ित बच्चे को समर्पित होता है। जहां पर बच्चे को विशेष मानते हुए उनका ख्याल रखने की बात कही जाती है। ऐसे ही ऑटिज्म की समस्या किस बच्चे में है और किस तरह से इसे पहचानना जरूरी है। इस पर आज हम बात करते है।
क्या होती है ऑटिज्म की समस्या
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, ऑटिज्म न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, सामान्य तौर पर इसके लक्षण 12 से 18 माह की आयु में सामने आने लगते हैं. ऑटिज्म की इस समस्या को समझे तो, यह परेशानी बच्चे में तीन साल की उम्र से ही नजर आने लगती है जिसमें बच्चे के सामाजिक और व्यवहार के साथ कम्युनिकेशन पर असर पड़ता है। सामान्य बच्चों की तरह ऑटिज्म पीड़ित बच्चा नहीं होता है उसका कम्युनिकेशन सही नहीं होता है अपना नाम सुनने के बाद भी कुछ रिस्पॉन्स नहीं देना। वह अन्य बच्चों के साथ रहने के बजाय अकेला रहता है।
इन लक्षणों को पहचानकर करें देखभाल
अगर बच्चा ऑटिज्म की समस्या से पीड़ित है तो उसमें इस तरह के लक्षण नजर आ जाते है इसे लेकर हमें देखभाल करना चाहिए। चलिए जानते है बच्चे में नजर आने वाले बदलावों के बारे में-
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1- बच्चे की बिहेवियरल स्किल्स का कम होना
अगर बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखने लगते हैं तो उसे बिहेवियरल स्किल्स की वजह से ऑटिज्म का खतरा ज्यादा होता है। बच्चे में इस तरह से बदलाव जैसे खिलौनों को बहुत संभालकर रखना, किसी एक ही खिलौने से खेलना, खुद को नुकसान पहुंचाना, बहुत ज्यादा नाराजगी या गुस्सा दिखाना जैसे लक्षण नजर आते हैं तो बच्चे को इस ऑटिज्म की समस्या का खतरा ज्यादा होता है। इस व्यवहारगत दिक्कतों को ही एक नजर में इस गंभीर समस्या का कारण माना जाता है।
2- बच्चे में लैंग्वेज स्किल का कम होना
अगर आपके बच्चे में तीन साल की उम्र के बाद भी अपनी बाते सही से कहने की क्षमता ना हो तो इस ऑटिज्म की समस्या का खतरा होता है। इसके विपरीत सामान्य बच्चे तीन साल की उम्र तक उन्हें क्या खाना है और भी चीजों को कहना शुरू कर देते है। बच्चे के बोलने में देरी हो रही हो, किसी शब्द या वाक्य को बार बार दोहराता हो, सवालों के जवाब गलत देता हो, दूसरों की बातों को दोहराता हो, तो ये ऑटिज्म के संकेत हो सकते हैं।
3- बच्चा अच्छे से नहीं होता सोशल
अगर आपका बच्चा ऑटिज्म का शिकार है तो वह पहली बात है सभी लोगों से सोशल नहीं हो पाएगा उसे अकेला रहना ज्यादा पसंद होता है।अगर बच्चा किसी के आने पर उससे मिलने का इच्छुक नहीं होता है, किसी के बात करने पर उसकी तरफ नहीं देखता है, आई कॉन्टेक्ट नहीं रखता हो, बातें अनसुनी करता हो तो ये ऑटिज्म की ओर संकेत करने वाले लक्षण हो सकते हैं।
