मंकीपॉक्स पर अलर्ट हुआ स्वास्थ्य विभाग, सभी राज्यों में जारी की कोरोना जैसी गाइडलाइन
मंकीपॉक्स को लेकर हाल ही में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हुआ है जिसके साथ विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। सभी राज्यों औऱ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी गाइडलाइन के तहत कोरोना वायरस की तरह ही बचाव करने होंगे।
- Written By: दीपिका पाल
Pic: Social Media
नई दिल्ली: दुनियाभर में खतरनाक बीमारी में से एक मंकीपॉक्स का खतरा मंडरा रहा है वहीं पर इसकी दस्तक अब भारत में भी हो गई है इसे लेकर हाल ही में एक मंकी पॉक्स का मामला सामने आया है। मंकीपॉक्स को लेकर हाल ही में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हुआ है जिसके साथ विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। सभी राज्यों औऱ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी गाइडलाइन के तहत कोरोना वायरस की तरह ही बचाव करने होंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने के निर्देश जारी किए है। बता दें पीड़ित को आइसोलेशन में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की ये गाइडलाइन
यहां पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने मंकीपॉक्स के खतरे को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा कि, हवाई अड्डे पर भी सतर्कता बढ़ाई जाएगी। संदिग्ध मरीज के सामने आने पर तुंरत उसकी जांच की जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को संदिग्ध एमपॉक्स मरीजों की जांच करने, संक्रमण की पुष्टि होने पर आइसोलेट करने और संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए संपर्क का पता लगाने की सलाह दी है।
संदिग्ध मरीज मिलने पर तुरंत करें जांच
हाल ही में जारी हुई एडवाइजरी के तहत कहा गया कि, हवाई अड्डों पर संदिग्ध मरीज मिलने पर तुरंत स्वास्थ्य जांच कराने का निर्देश दिया गया है। राज्य एड्स नियंत्रण समितियों से भी एमपॉक्स के संबंध में जागरूकता बढ़ाने की अपील की गई है। एडवाइजरी में संदिग्ध और पुष्ट मामलों के सामने आने पर आइसोलेट करने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। संदिग्ध मरीज की कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग करने की सलाह दी गई है। बताया जा रहा है कि, एनआईवी पुणे की जांच में एक भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।
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जांच में आया यह फैक्ट सामने
आपको बताते चलें एडवाइजरी के तहत एमपॉक्स से जुड़े तथ्य जारी किए गए है।
1- अधिकांश मामले 18 से 44 साल के बीच के पुरुषों के हैं।
2- यह वायरस सबसे अधिक यौन संपर्क से फैला। इसके बाद अन्य माध्यमों से एक-दूसरे में फैला है।
3- अगर लक्षण की बात करें तो दाने और बुखार आना देखा गया है।
4- करीब आधे मामलों में मरीज एचआईवी से संक्रमित भी मिले हैं।
बता दें कि, दुनिया में एमपॉक्स के मामले वाला देश अफ्रीका है पिछले कई वर्षों से अफ्रीका के कुछ देशों में इस वायरस ने कहर बरपा रखा है। मगर 2022 में यह वायरस वैश्विक चिंता के तौर पर उभरा। इसके बाद एमपॉक्स को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
