हरियाणा राज्यसभा चुनाव अपडेट, फोटो- सोशल मीडिया
Haryana Rajya Sabha Election 2026: हरियाणा की सियासत में सोमवार का दिन किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं रहा। राज्यसभा की दो सीटों के लिए सुबह 9 बजे शुरू हुई वोटिंग के बाद रात भर जो ड्रामा चला, उसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी। शाम 5 बजे शुरू होने वाली मतगणना करीब साढ़े पांच घंटे तक रुकी रही।
अंततः रात के सन्नाटे में नतीजों का ऐलान हुआ। इस मुकाबले में जहां सत्ताधारी बीजेपी अपनी एक सीट बचाने में कामयाब रही, वहीं कांग्रेस ने तमाम चुनौतियों और आंतरिक कलह के बावजूद दूसरी सीट पर कब्जा जमा लिया।
17 मार्च की सुबह करीब 1:10 बजे घोषित नतीजों के अनुसार, भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया को 31 वोट मिले और वे आसानी से विजेता बने। दूसरी सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा रहा, जहां कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 27 वोटों से संतोष करना पड़ा। कर्मवीर बौद्ध ने महज एक वोट के अंतर से यह रोमांचक जीत हासिल की। कुल 90 सदस्यीय विधानसभा में 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि इनेलो के दो विधायक वोटिंग से दूर रहे।
मतगणना में देरी का मुख्य कारण दोनों दलों द्वारा चुनाव आयोग से की गई शिकायतें थीं। भाजपा ने कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह और भरत सिंह बेनीवाल पर वोट की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाया था। दूसरी ओर, कांग्रेस ने मंत्री अनिल विज के वोट पर आपत्ति जताई थी। रात 10 बजे के बाद चुनाव आयोग के हस्तक्षेप से मामला सुलझा, जिसमें परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया, जबकि अनिल विज का वोट सही पाया गया। इसी फैसले के बाद साढ़े दस बजे मतगणना दोबारा शुरू हो सकी।
भले ही कांग्रेस उम्मीदवार जीत गए, लेकिन पार्टी के भीतर मची रार भी खुलकर सामने आ गई। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की और कुल 4 वोट अवैध पाए गए। जीत के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने इसे पार्टी के लिए एक ‘अग्निपरीक्षा’ बताया। हालांकि उनके चेहरे पर जीत की खुशी से ज्यादा अपनों की गद्दारी की टीस दिखी।
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हुड्डा ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ धोखा किया है, जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। जीत के बाद भावुक हुए कांग्रेस विधायक बीबी बतरा और रामकरण काला को हुड्डा ने ढाढ़स बंधाया।
इस जीत के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने भाजपा पर तीखे हमले किए। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि गुजरात के डिप्टी सीएम ने शिमला तक आकर विधायक खरीदने का प्रयास किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश करार दिया।
वहीं, सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी ने सिर्फ एक सीट जीतने के लिए हर अनैतिक हथकंडा अपनाया और निर्वाचन अधिकारी का रवैया भी पक्षपातपूर्ण रहा। बहरहाल, भारी उठापटक के बाद हरियाणा की इन सीटों का परिणाम तो आ गया है, लेकिन इसके पीछे की सियासी रार आने वाले समय में और बढ़ने के संकेत दे रही है।