सुचित्रा देवी और पर्ल चौधरी, फोटो- नवभारत डिजाइन
Suchitra Devi 7 Crore Ticket Controversy: हरियाणा की राजनीति में इस समय जो तूफान उठा है, उसने न केवल चंडीगढ़ बल्कि दिल्ली के सियासी गलियारों में भी खलबली मचा दी है। यह मामला किसी सामान्य राजनीतिक बयानबाजी का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और धोखे के गंभीर आरोपों से जुड़ा है।
हरियाणा कांग्रेस की पूर्व महिला महासचिव सुचित्रा देवी और उनके पति गौरव कुमार ने पार्टी के कुछ बेहद प्रभावशाली गंभीर आरोप लगाए हैं। रेवाड़ी जिले की बावल विधानसभा सीट को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस की चौखट और आत्मदाह की चेतावनी तक पहुंच गया है, जिससे कांग्रेस के भीतर मची खींचतान जगजाहिर हो गई है।
जिसमें सुचित्रा देवी के पति गौरव कुमार ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी पत्नी को बावल सीट से चुनावी टिकट दिलाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और उनके करीबियों को लगभग 7 करोड़ रुपये दिए थे। गौरव का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद उनकी पत्नी को टिकट नहीं दिया गया और अब जब वे अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से के.सी. वेणुगोपाल और कोडिकुन्निल सुरेश जैसे कद्दावर नेताओं के नाम इस लेनदेन में घसीटे गए हैं।
मामला केवल मौखिक आरोपों तक सीमित नहीं है। गौरव कुमार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तीन पन्नों का एक शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें कई बड़े नेताओं और उनके निजी सचिवों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इस शिकायत के साथ सबूत के तौर पर व्हाट्सएप चैट, बैंक स्टेटमेंट और कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी गई हैं।
गौरव का कहना है कि उन्हें चुप रहने के लिए 2 करोड़ रुपये का ऑफर भी दिया गया ताकि वे अपने बयान बदल दें, लेकिन उन्होंने झुकने से इनकार कर दिया। वे पुलिस से लगातार जांच की गुहार लगा रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल छानबीन शुरू कर दी है और जल्द ही मामला दर्ज किया जा सकता है।
जैसे ही यह मामला मीडिया में उछला, हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने सुचित्रा देवी को ‘अनुशासनहीनता’ और ‘मिथ्या आरोप’ लगाने के आधार पर पार्टी से निष्कासित कर दिया। हालांकि, सुचित्रा देवी ने इस पर तीखा पलटवार किया है। उनका दावा है कि वे निष्कासन के आदेश से 19 दिन पहले ही पार्टी से इस्तीफा दे चुकी थीं, इसलिए उन्हें निकालने का सवाल ही नहीं उठता।
pic.twitter.com/W2tH7r5XQz — Haryana Pradesh Mahila Congress (@HaryanaPMC) March 12, 2026
उन्होंने तंज कसते हुए यहां तक कह दिया कि नई अध्यक्ष को अभी भारतीय राजनीति की ‘ट्यूशन’ लेने की जरूरत है क्योंकि उन्हें जमीनी राजनीति की समझ नहीं है। सुचित्रा ने खुद को एक शहीद परिवार की बेटी बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में केवल रसूखदार नेताओं के बच्चों को ही तवज्जो दी जाती है।
Please accept my resignation, totally frustrated by the leaders @rahulgandhi @priyankagandhi @kharge @kcvenugopalmp @LambaAlka @HariprasadBK2 @raonarenderinc pic.twitter.com/vVNGFfI822 — Suchitra Devi (@SuchitraDevi91) February 22, 2026
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इस विवाद ने अब एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। गौरव कुमार ने घोषणा की है कि यदि उनके पैसे वापस नहीं मिले और आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अगली दुर्गा अष्टमी को राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास के सामने आत्मदाह करेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन पर ‘सड़क पर ध्यान से चलने’ जैसी धमकियां मिल रही हैं, जिससे वे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
दूसरी ओर, हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि चुनाव के डेढ़ साल बाद ऐसे आरोप लगाना इनकी सच्चाई पर शक पैदा करता है। फिलहाल, यह मामला सुलझने के बजाय और अधिक उलझता जा रहा है।