PM Modi Assam Visit: चीन सीमा के पास हाईवे पर उतरे 16 फाइटर जेट, PM मोदी ने किया एयरस्ट्रिप का उद्घाटन

PM Modi Visit Assam: पीएम मोदी ने असम के मोरान बाईपास पर पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। 4 KM स्ट्रिप पर राफेल-सुखोई जैसे विमानों ने चीन सीमा के करीब शक्ति प्रदर्शन किया।
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असम में पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत, फोटो- सोशल मीडिया
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IAF Airshow Assam: भारत ने चीन सीमा के पास अपनी रक्षा तैयारियों को एक नई ऊंचाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिब्रूगढ़ में पूर्वोत्तर की पहली हाईवे-आधारित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का लोकार्पण किया। इस दौरान 16 लड़ाकू विमानों के टचडाउन ने यह साबित कर दिया कि भारतीय वायुसेना किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।

पूर्वोत्तर भारत के सैन्य सामर्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में स्थित मोरान बाईपास पर पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का आधिकारिक उद्घाटन किया। यह 4.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकालीन स्थितियों में भारतीय वायुसेना (IAF) के लड़ाकू विमानों और मालवाहक जहाजों के लिए एक वैकल्पिक रनवे के रूप में काम करेगी।

असम के मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

नरेंद्र मोदी के डिब्रूगढ़ पहुंचने पर मंच पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। प्रधानमंत्री स्वयं वायुसेना के विशेष विमान से इस हाईवे स्ट्रिप पर उतरे, जिसके साथ ही इसका रणनीतिक परीक्षण भी संपन्न हुआ। यह सुविधा उसी एक्सप्रेसवे मॉडल पर आधारित है, जैसा 2021 में उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर तैयार किया गया था।

चीन सीमा के करीब अभेद्य सुरक्षा कवच

इस एयरस्ट्रिप का महत्व इसके स्थान से स्पष्ट होता है। मोरान बाईपास से चीन की सीमा लगभग 300 किलोमीटर और म्यांमार की सीमा मात्र 200 किलोमीटर दूर है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब इस तरह की सुविधा का होना भारतीय सेना के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगा। अधिकारियों के अनुसार, चाबुआ जैसे मुख्य एयरबेस की अनुपलब्धता या किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में यह हाईवे स्ट्रिप दुश्मन को जवाब देने के लिए एक सक्रिय केंद्र की भूमिका निभाएगी।

आसमान में 40 मिनट तक चला शौर्य प्रदर्शन

उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना ने अपना प्रचंड पराक्रम दिखाया। लगभग 40 मिनट तक चले इस एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, डॉर्नियर और AN-32 जैसे विमानों ने हिस्सा लिया। रिकॉर्ड 30 मिनट के भीतर 16 फाइटर जेट्स ने इस हाईवे पर टचडाउन और फ्लाईपास की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। स्थानीय निवासियों के लिए हाईवे पर लड़ाकू विमानों की गर्जना और उनकी लैंडिंग देखना एक गर्व का क्षण था।

भारी मालवाहक विमानों के लिए भी सक्षम

यह एयरस्ट्रिप केवल छोटे लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं है। इसकी मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन के अधिकतम वजन वाले ट्रांसपोर्ट विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित कर सकती है। यह क्षमता न केवल युद्धकाल में बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए भी इसे एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है।

असम को ₹5,450 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा रक्षा के साथ-साथ विकास के दृष्टिकोण से भी अहम रहेगा। पीएम असम को 5,450 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें ब्रह्मपुत्र नदी पर बना एक ऐतिहासिक 6-लेन पुल भी शामिल है, जो गुवाहाटी के यात्रियों के एक घंटे के सफर को घटाकर मात्र 10 मिनट कर देगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर को शेष भारत के साथ बेहतर ढंग से जोड़ना और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को तेज करना है।

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