भारतीय नाव को पाकिस्तानी एजेंसी ने किया अगवा, 8 लोगों की जान पर मंडरा रहा खतरा

India-Pakistan Conflict: गुजरात के छह मछुआरे अरब सागर में मछली पकड़ते समय गलती से पाकिस्तान सीमा में चले गए, पीएमएसए ने उन्हें गिरफ्तार कर नाव जब्त कर ली, परिवार चिंतित हैं।
भारतीय नाव को पाकिस्तानी एजेंसी ने किया अगवा, 8 लोगों की जान पर मंडरा रहा खतरा
सांकेतिक तस्वीर
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Pakistani agency Hijacked Indian Boat: गुजरात के तटीय क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अरब सागर में मछली पकड़ रहे छह भारतीय मछुआरों को पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी (पीएमएसए) ने गिरफ्तार कर लिया है और उनकी नाव भी जब्त कर ली है। जानकारी के अनुसार, ये मछुआरे गिर सोमनाथ जिले के मारवाड़ गांव के निवासी हैं और पोरबंदर के पास मछली पकड़ने गए थे। घटना आज सुबह उस समय हुई जब वे अनजाने में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा (आईएमबीएल) के करीब पहुंच गए।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पीएमएसए के जवानों ने अचानक भारतीय नाव को घेर लिया और सवार मछुआरों को हिरासत में ले जाकर पाकिस्तान ले गए। इस घटना के बाद मछुआरों के परिवारों में गहरा शोक और डर का माहौल है। उनका कहना है कि उनके प्रियजन अब पाकिस्तान की हिरासत में हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है।

सरकार से मदद की गुहार

गौर करने वाली बात यह है कि अरब सागर में ऐसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं। समुद्री सीमा की अस्पष्टता के कारण कई बार भारतीय मछुआरे गलती से पाकिस्तानी जलसीमा में चले जाते हैं, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है। स्थानीय मछुआरा समुदाय ने एक बार फिर सरकार से गुहार लगाई है कि वह इन मछुआरों की सुरक्षित वापसी के लिए कूटनीतिक स्तर पर जल्द कदम उठाए। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए समुद्री सीमा पर सटीक दिशा-निर्देश और निगरानी बढ़ाई जाए।

हालांकि,  मामला को लेकर अभी तक भारतीय तटरक्षक बल, समुद्री विभाग, सरकार या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं किया गया है। इसके अलावा राज्य मत्स्य विभाग की ओर से भी इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में मछुआरा समुदाय सरकार से तुरंत कार्रवाई करने और मछुआरों को रिहा करने की मांग कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से तनाव

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बढ़ गया। इस सैन्य कार्रवाई के चलते सीमा पर तनाव बढ़ा और दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी दिखाई दी। कूटनीतिक संपर्क सीमित हुए, तनावपूर्ण परिस्थितियों में आतंकवाद और सुरक्षा मुद्दे अधिक प्रमुख हो गए। इसके प्रभाव से व्यापार, यात्रा और संवाद पर भी नकारात्मक असर पड़ा।

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