

FDA Raid On Illegal Oil Manufacturing: त्योहारों और रोजमर्रा के खान-पान के बीच मिलावटखोरों का नेटवर्क किस कदर सक्रिय है, इसका एक बेहद चौंकाने वाला मामला गुजरात के पाटन से सामने आया है। पाटन में स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर चल रहे मिलावटी तेल के रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस संयुक्त छापेमारी में क्राइम ब्रांच, खाद्य विभाग और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम ने मौके से 14,709 किलोग्राम मिलावटी तेल जब्त किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि मिलावट का यह अवैध धंधा पिछले दो साल से बिना किसी रोक-टोक के चल रहा था और लोगों की सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा था।
शुरुआती जांच और छापेमारी के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे आंखें खोलने वाले हैं। पाटन की इस तेल फैक्ट्री में सोयाबीन के तेल में बेहद घटिया, सस्ते और वेस्टेज वाले तेल की मिलावट की जा रही थी। आरोपियों का तरीका यह था कि वे इस हानिकारक खराब तेल को अच्छे तेल में मिलाकर पैकिंग करते थे और उसे असली बताकर धड़ल्ले से बाजार में बेच देते थे। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस तरह का मिलावटी तेल इंसानी सेहत के लिए अत्यंत खतरनाक और जानलेवा हो सकता है। छापेमारी के दौरान मौके पर खड़े एक ट्रक से खराब तेल के 210 डिब्बे भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें मिलावट के लिए लाया गया था।
मुनाफे के लालच में डूबे ये मिलावटखोर केवल मिलावट ही नहीं कर रहे थे, बल्कि ग्राहकों को झांसा देने के लिए बड़ी धोखाधड़ी का सहारा ले रहे थे। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री परिसर से देश की कई बड़ी और नामचीन कंपनियों के फर्जी लेबल बरामद हुए हैं। आरोपी मिलावटी तेल को डिब्बों में भरकर इन बड़ी कंपनियों के नाम का लेबल चिपका देते थे, ताकि मार्केट में कोई शक न कर सके और लोग इसे असली ब्रांडेड तेल समझकर खरीद लें। मौके से पैकिंग के लिए पूरी तरह तैयार तेल के 40 डिब्बे भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें इन्हीं फर्जी लेबल्स के साथ मार्केट में उतारने की तैयारी थी।
जांच अधिकारियों का कहना है कि पाटन की यह फैक्ट्री पिछले दो साल से अवैध रूप से संचालित हो रही थी। इतने लंबे समय में भारी मात्रा में मिलावटी तेल बाजार में खपाया जा चुका है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस मिलावटी तेल की सप्लाई केवल गुजरात तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी इसकी खेप भेजी जा रही थी। फिलहाल, जांच टीमें फैक्ट्री की बिल बुक और स्टॉक रजिस्टर को खंगाल रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मिलावटी तेल की सप्लाई कहां-कहां की गई है और इस पूरे गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए देश के अन्य राज्यों में भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं:
महाराष्ट्र में सख्त नियम और उम्रकैद का प्रावधान: महाराष्ट्र एफडीए के कमिश्नर तुकाराम मुंडे एडिबल ऑयल (खाद्य तेल) में मिलावट के खिलाफ पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। राज्य में खुले और बिना लेबल वाले तेल की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास (उम्रकैद) जैसी कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।
कर्नाटक में केमिकल वाले केले जब्त: केवल तेल ही नहीं, फलों में भी मिलावट और केमिकल के इस्तेमाल पर कड़ा एक्शन हो रहा है। कर्नाटक के उडुपी में केमिकल छिड़ककर केले पकाने की शिकायत पर खाद्य विभाग ने अलेयूर, केमथुर और डुगलीपाडु गांवों में छापेमारी की। इस कार्रवाई में करीब 10,890 किलो केमिकल वाले जहरीले केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 8.71 लाख रुपये है।