Ahmedabad: ब्लड प्लाज्मा मिलावट रैकेट का भंडाफोड़, स्वास्थ्य मंत्री बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
Ahmedabad News: गुजरात के अहमदाबाद में ब्लड प्लाज्मा मिलावट रैकेट का खुलासा। असली प्लाज्मा को मिलावटी से बदलने के मामले में 4 गिरफ्तार। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने दी सख्त चेतावनी।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया (सोर्स-सोशल मीडिया)
Prafulla Pansheriya On Ahmedabad Plasma Scam: गुजरात में सामने आए कथित ब्लड प्लाज्मा मिलावट रैकेट ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) द्वारा इस रैकेट का भंडाफोड़ किए जाने के बाद राज्य सरकार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने स्पष्ट कहा है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चांगोदर स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी तक पहुंचने से पहले असली ब्लड प्लाज्मा यूनिट्स को कथित रूप से मिलावटी प्लाज्मा से बदला जा रहा था। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।
अहमदाबाद में ब्लड प्लाज्मा मिलावट रैकेट का खुलासा
दरअलस प्रफुल्ल पानसेरिया का यह बयान अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) द्वारा एक रैकेट का भंडाफोड़ करने के एक दिन बाद आया है। इस रैकेट पर आरोप है कि चांगोदर की एक फार्मास्युटिकल कंपनी तक खेप पहुंचने से पहले असली ब्लड प्लाज्मा यूनिट्स को मिलावटी सामान से बदल दिया जाता था।
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चार आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड भी दबोचा गया
तो वहीं इस मामले में कथित मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांचकर्ता इस ऑपरेशन के पीछे के बड़े नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। पानसेरिया ने कहा कि सरकार मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी।
एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच से सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इस कथित धोखाधड़ी का पर्दाफाश करने के लिए अहमदाबाद एसओजी और इसमें शामिल अधिकारियों को बधाई भी दी।
खुफिया जानकारी के बाद चलाया गया ऑपरेशन
जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह ऑपरेशन असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मुकेशसिंह दौलतसिंह और कॉन्स्टेबल मेरूभा घनश्यामसिंह को चांगोदर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में मिली खास खुफिया जानकारी के बाद शुरू किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति पर निगरानी रखी और एक ऐसी योजना का खुलासा किया जिसे उन्होंने सुव्यवस्थित बताया। इस योजना में ब्लड प्लाज्मा की खेप को दूसरी जगह भेजने और उसमें मिलावट करने का काम किया जा रहा था।
फार्मास्युटिकल कंपनियों में काम करते थे आरोपी
तो वहीं पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी, बनासकांठा जिले के दिनेश चौधरी, पहले फार्मास्युटिकल कंपनियों में ब्लड प्लाज्मा कलेक्शन एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम कर चुके थे। जांच करने वालों ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान मिली तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करके जितेंद्र सोलंकी और रफीक खलीफा के साथ मिलकर इस काम को अंजाम दिया। ये दोनों प्लाज्मा कंसाइनमेंट ले जाने वाली गाड़ी के ड्राइवर और को-ड्राइवर थे।
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कंपनी तक पहुंचने से पहले बदला जाता था प्लाज्मा
पुलिस ने जांच के बाद आगे बताया कि जब भी महाराष्ट्र भर के ब्लड बैंकों से ब्लड प्लाज्मा का कंसाइनमेंट इकट्ठा किया जाता था, तो ट्रांसपोर्ट टीम चौधरी को इसकी जानकारी देती थी। चांगोदर में फार्मास्युटिकल कंपनी तक कंसाइनमेंट पहुंचाने से पहले, गाड़ी को कथित तौर पर चौधरी के घर ले जाया जाता था।
जांच करने वालों का आरोप है कि वहां असली प्लाज्मा यूनिट्स को हटाकर उनकी जगह मिलावटी प्लाज्मा बैग रख दिए जाते थे, जबकि डिलीवरी के लिए जरूरी मात्रा बनाए रखी जाती थी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
