गुजरात से कोरोना वायरस के 15 नए मामले, जानिए ओमिक्रॉन वैरिएंट से कितना है यह अलग
एडिशनल डायरेक्टर (सार्वजनिक स्वास्थ्य) डॉ. नीलम पटेल ने बताया कि गुजरात में वर्तमान में कोविड-19 के जेएन.1 वैरिएंयट के 15 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह वैरिएंट ओमिक्रॉन के प्रकार का ही है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो - नवभारत आर्काइव
अहमदाबाद : गुजरात में लंबे अंतराल के बाद कोरोना वायरस से संक्रमण के 15 नए मामले सामने आए हैं। अधिकारियों ने वायरस के नए वैरिएंट के अधिक गंभीर नहीं होने का उल्लेख करते हुए लोगों से कहा है कि वह घबराएं नहीं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि सभी मरीजों का उनके घरों पर ही उपचार किया जा रहा है।
एडिशनल डायरेक्टर (सार्वजनिक स्वास्थ्य) डॉ. नीलम पटेल ने बताया कि गुजरात में वर्तमान में कोविड-19 के जेएन.1 वैरिएंयट के 15 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह वैरिएंट ओमिक्रॉन के प्रकार का ही है। ओमिक्रॉन वैरिएंट पहली बार अगस्त 2023 में सामने आया था।
डॉ. नीलम पटेल ने नए वायरस को लेकर क्या कहा?
एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नीलम पटेल ने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा कि गुजरात के अहमदाबाद शहर में 13 संक्रमित हैं जबकि राजकोट शहर और अहमदाबाद ग्रामीण में एक-एक मरीज इसकी चपेट में आया है। संक्रमण के ये मामले ओमिक्रॉन जेएन.1 स्वरूप के हैं, जो कम गंभीर है। यह इस समय गुजरात या भारत के लिए बहुत चिंता का विषय नहीं है।
सम्बंधित ख़बरें
Operation Hard Ball: लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर FBI का बड़ा एक्शन, 24 लोग किए गए गिरफ्तार
FTA के बाद पीएम मोदी का न्यूजीलैंड दौरा, प्रवासी भारतीयों में उत्साह; बोले- यह हमारे लिए गर्व का क्षण
18 साल बाद इंसाफ! Ahmedabad Blast के 38 दोषियों की फांसी बरकरार, 56 मौतों के केस में गुजरात हाई कोर्ट का फैसला
Khamenei Funeral: जनाजे में कुरान की आयतों से ईरान की साइलेंट डिप्लोमेसी, भारत को दिया ये खास संदेश
उन्होंने कहा कि हाल के सप्ताहों में चीन, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में कोरोना के हजारों मामले सामने आए हैं और लोग एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करते ही हैं, जिससे स्वाभाविक तौर पर संक्रमण भारत में भी फैल गया है। पटेल ने कहा कि गुजरात में कोरोना की पुष्टि वाले एक मरीज ने सिंगापुर की यात्रा की थी।
फिर से लगेगा लॉकडाउन, लगवानी पड़ेगी कोरोना वैक्सीन? जानिए कितना ख़तरनाक है JN.1 वेरिएंट
अधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस का ये वैरिएंट कम गंभीर है, इसलिए इन 15 रोगियों में से किसी को भी अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उनका घर पर ही पृथकवास में इलाज किया जा रहा है। हालांकि हमारे अस्पतालों में पृथक वार्ड हैं, लेकिन उन्हें तुरंत इस्तेमाल करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। लोगों को बस सतर्क रहने की जरूरत है। खांसी और जुकाम वाले लोगों को बाहर जाने से बचना चाहिए।
(-एजेंसी इनपुट के साथ।)
