संघर्ष से सफलता तक: विजय वर्मा ने याद किए मुंबई के पुराने दिन, बताया कैसे बने ‘मटका किंग’
Vijay Varma News: अभिनेता विजय वर्मा ने सीरीज 'मटका किंग' और मुंबई में अपने संघर्ष के दिनों पर की खुलकर बात। पुराने दौर का दिखेगा रोमांच।
- Written By: अनिल सिंह
Vijay Varma Matka King Series: बॉलीवुड में अपनी शानदार अदाकारी और संजीदा किरदारों के लिए मशहूर अभिनेता विजय वर्मा एक बार फिर दर्शकों को अतीत की गलियों में ले जाने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी सीरीज ‘मटका किंग’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जो 1960 से लेकर 1990 के दशक के दौरान मुंबई के अवैध जुए और सट्टेबाजी के काले साम्राज्य पर आधारित है। नवभारत के साथ हुई एक हालिया बातचीत में विजय ने न केवल इस सीरीज के बारे में चर्चा की, बल्कि अपने करियर के उन कठिन दिनों को भी याद किया जब वे मायानगरी मुंबई में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
विजय वर्मा का मानना है कि ‘मटका किंग’ का किरदार उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि यह उस दौर की कहानी कहता है जब मुंबई की गलियों में सट्टेबाजी का खेल अपने चरम पर था। यह शो उन लोगों की मानसिकता को दर्शाता है जो रातों-रात अमीर बनने के सपने देखते थे। विजय ने बताया कि इस सीरीज की शूटिंग के दौरान उन्होंने उस दौर की मुंबई को गहराई से समझा और यह महसूस किया कि कैसे एक छोटे से खेल ने पूरे शहर के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को प्रभावित किया था।
Vijay Varma Matka King Series: बॉलीवुड में अपनी शानदार अदाकारी और संजीदा किरदारों के लिए मशहूर अभिनेता विजय वर्मा एक बार फिर दर्शकों को अतीत की गलियों में ले जाने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी सीरीज ‘मटका किंग’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जो 1960 से लेकर 1990 के दशक के दौरान मुंबई के अवैध जुए और सट्टेबाजी के काले साम्राज्य पर आधारित है। नवभारत के साथ हुई एक हालिया बातचीत में विजय ने न केवल इस सीरीज के बारे में चर्चा की, बल्कि अपने करियर के उन कठिन दिनों को भी याद किया जब वे मायानगरी मुंबई में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
विजय वर्मा का मानना है कि ‘मटका किंग’ का किरदार उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि यह उस दौर की कहानी कहता है जब मुंबई की गलियों में सट्टेबाजी का खेल अपने चरम पर था। यह शो उन लोगों की मानसिकता को दर्शाता है जो रातों-रात अमीर बनने के सपने देखते थे। विजय ने बताया कि इस सीरीज की शूटिंग के दौरान उन्होंने उस दौर की मुंबई को गहराई से समझा और यह महसूस किया कि कैसे एक छोटे से खेल ने पूरे शहर के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को प्रभावित किया था।
