बैंक नौकरी छोड़ वाणी जयराम बनीं लेजेंडरी गायिका, ‘बोले रे पपीहरा’ से मिली पहचान

Vani Jairam Birth Anniversary: वाणी जयराम ने आठ वर्ष की उम्र में AIR मद्रास पर पहला गीत गाया। बैंक नौकरी छोड़ उन्होंने शास्त्रीय संगीत सीखा और वसंत देसाई के मार्गदर्शन में संगीत जगत में प्रवेश किया।
Vani Jairam left her bank job to become a legendary singer
वाणी जयराम (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Vani Jairam Birth Anniversary Special Story: भारत की प्रसिद्ध गायिका वाणी जयराम, जिन्हें प्यार से ‘भारत की मीरा’ कहा जाता है, जिनकी आवाज ने चार दशकों तक संगीत प्रेमियों पर गहरा प्रभाव डाला। 1945 में तमिलनाडु के वेल्लोर में जन्मीं वाणी एक संगीतकार परिवार से ताल्लुक रखती थीं। पांच बहनों और तीन भाइयों में सबसे छोटी वाणी ने आठ साल की उम्र में मद्रास ऑल इंडिया रेडियो पर अपना पहला गीत गाया और यहीं से उनकी संगीत यात्रा शुरू हुई।

वाणी जयराम ने अपने करियर में कन्नड़, तमिल, हिंदी, तेलुगू, मलयालम, मराठी सहित 19 भारतीय भाषाओं में 10 हजार से अधिक गाने गाए। सिर्फ हिंदी फिल्मों के लिए उन्होंने 339 गीत रिकॉर्ड किए। संगीत जगत में उन्हें असली पहचान 1971 में मिली जब फिल्म गुड्डी के गीत ‘बोले रे पपीहरा’ ने देशभर में धूम मचा दी। इस गीत ने न सिर्फ वाणी का नाम बॉलीवुड में स्थापित किया, बल्कि उन्हें एक अनोखी आवाज वाली कलाकार के रूप में पहचान दिलाई।

संगीत के लिए छोड़ी बैंक की नौकरी

दिलचस्प बात यह है कि वाणी का जीवन संगीत से दूर नहीं था, लेकिन उनका करियर बैंक कर्मचारी के रूप में शुरू हुआ। शादी के बाद जब वे मुंबई आईं और बैंक में काम कर रही थीं, तभी उनके पति ने उनकी गायकी की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें संगीत को पूरा समय देने की सलाह दी। इसके बाद वाणी ने पटियाला घराने के उस्ताद अब्दुल रहमान खान से शास्त्रीय संगीत की दीक्षा ली और बैंक की नौकरी छोड़ प्रोफेशनल सिंगर बनने का फैसला किया। उनकी किस्मत का बड़ा मोड़ तब आया जब एक संगीत समारोह में उनकी मुलाकात प्रसिद्ध संगीतकार वसंत देसाई से हुई।

वाणी जयराम का करियर

वाणी जयराम ने वाणी को कुमार गंधर्व के साथ एक मराठी एल्बम में गाने का मौका दिया। गीत ‘ऋणानुबंधाचा’ की सफलता ने वाणी को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया। इसके बाद हृषिकेश मुखर्जी ने वाणी को फिल्म गुड्डी के लिए तीन गाने दिए बोले रे पपीहरा, हरि बिन कैसे जीयूं, और हमको मन की शक्ति देना। ये तीनों ही गाने सुपरहिट हुए। खासकर ‘हमको मन की शक्ति देना’ देशभर के स्कूलों में प्रार्थना गीत बन गया। वाणी जयराम ने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार, कई राज्य सरकारों के सम्मान और 2012 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड साउथ भी जीता।

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