Urvashi Rautela Betting App Case: सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी के सामने पेश हुईं उर्वशी रौतेला

Urvashi Rautela: बॉलीवुड अभिनेत्री और मॉडल उर्वशी रौतेला मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली कार्यालय में पेश हुईं। अवैध सट्टेबाजी ऐप मामले में पूछताछ के लिए उन्हें तलब किया गया है।
Urvashi Rautela Betting App Case: सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी के सामने पेश हुईं उर्वशी रौतेला
'वनएक्सबेट' सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी ऑफिस पहुंचीं उर्वशी रौतेला
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Betting App Case: उर्वशी रौतेला 30 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय के ढीली कार्यालय पहुंची, उन्हें 'वनएक्सबेट' नामक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया। यह मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जिसमें कई हाई-प्रोफाइल हस्तियां जांच के दायरे में हैं।

'वनएक्सबेट' एक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप है, जो भारत में अवैध तरीके से काम कर रहा है। ईडी ने इस प्लेटफॉर्म पर मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी के आरोप लगाए हैं। इसके प्रचार में कई सेलेब्रिटीज और क्रिकेटर शामिल रहे हैं। उर्वशी रौतेला भी इस ऐप की भारत में एम्बेसेडर थीं और उन्होंने इसका प्रचार किया था। इस ऐप के प्रचार से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं, जो जांच का एक अहम हिस्सा हैं।

क्रिकेटरों और सितारों से हो रही पूछताछ 

ईडी इस मामले में पहले ही कई क्रिकेटरों और सितारों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें युवराज सिंह, सुरेश रैना, शिखर धवन, रॉबिन उथप्पा, सोनू सूद, और मिमी चक्रवर्ती जैसे नाम शामिल हैं। मिमी चक्रवर्ती को पहले ही 15 सितंबर को ईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए तलब किया गया था। प्रकाश राज, विजय देवराकोंडा, और राणा दग्गुबाती जैसे सितारों से भी सवाल-जवाब किए गए।

मनी लॉन्ड्रिंग की हो रही है जांच 

ईडी के सूत्रों ने बताया कि इस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध सट्टेबाजी ऐप किस प्रकार भारतीय कानून की अवहेलना करते हुए, मशहूर हस्तियों के जरिए अपने प्रचार-प्रसार कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन विज्ञापनों से प्राप्त होने वाली फीस से मनी लॉन्ड्रिंग की गई या नहीं।

कई ऐप्स अवैध तरीके से काम कर रहे हैं

बता दें कि सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म को लेकर सख्त कानून बनाए हैं। 2022 से लेकर जून 2025 तक ऐसे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के लिए 1,524 आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई ऐप्स अवैध तरीके से काम कर रहे हैं।

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