मध्यमवर्ग की मराठी लड़की को इंडट्री में बर्दाश्त नहीं कर पाते लोग, उर्मिला मातोंडकर का नेपोटिज्म पर छलका दर्द
उर्मिला मातोंडकर बॉलीवुड के उन कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने दम पर अपनी पहचान बनाई। लेकिन अब उर्मिला मातोंडकर का नेपोटिज्म पर दर्द छलका है और उन्होंने बताया कि इसकी वजह से उनका करियर तबाह हो गया।
- Written By: अनिल सिंह
उर्मिला मातोंडकर का नेपोटिज्म पर छलका दर्द
मुंबई: बॉलीवुड में रंगीला गर्ल नाम से मशहूर एक्ट्रेस और उर्मिला मातोंडकर ने नेपोटिज्म और रामगोपाल वर्मा संग उनके मतभेद को लेकर चुप्पी तोड़ी है। उर्मिला मातोंडकर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि नेपोटिज्म की वजह से उनका करियर तबाह हो गया। इतना ही नहीं उन्होंने इस इंटरव्यू में यह भी कहा कि रामगोपाल वर्मा के साथ उनका कोई मतभेद नहीं है। उर्मिला मातोंडकर ने भी कहा कि उन्हें हमेशा आइटम गर्ल के तौर पर देखा गया। लोगों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ कि मध्यम वर्ग की एक मराठी परिवार की लड़की बॉलीवुड में अपनी पहचान बना रही है।
ई टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में उर्मिला मातोंडकर ने अपने निजी और पेशेवर जिंदगी के बारे में खुलकर बात की। जब उनसे रामगोपाल वर्मा के साथ उनके मतभेद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि रामगोपाल वर्मा और मेरे बीच कोई मनमुटाव नहीं है। मैंने रामगोपाल वर्मा की कंपनी और आग जैसी फिल्मों में स्पेशल सॉन्ग किया है। इसके अलावा वह रामगोपाल वर्मा की सत्या, कौन और भूत जैसी बेहतरीन फिल्मों में नजर आई हैं।
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इस दौरान उर्मिला मातोंडकर ने यह भी कहा कि 90 के दशक में मीडिया मेरी एक्टिंग की काबिलियत को छोड़कर मेरे बारे में हर चीज पर फिदा थी। आज लोग खुलकर नेपोटिज्म पर बात करते हैं। पुराने जमाने में भी मेरे आस-पास भी ऐसे कई कलाकार थे, जो फिल्में परिवार से आते थे, उन्हें बढ़ावा मिलता था और हमें नहीं। कई लोगों को तो आज भी ये बर्दाश्त नहीं होता कि मध्यम वर्ग की मराठी परिवार के एक लड़की बॉलीवुड में अपनी पहचान बना रही है। उर्मिला मातोंडकर की मानना है कि आज मीडिया में महिलाओं के प्रति गहरी समझ और अलग तरह का नजरिया दिखाई देता है। जो इंडस्ट्री में स्ट्रगल कर रही नई लड़कियों के लिए काफी अच्छा है।
