

Tyrese Gibson Worships Lord Shiva: हॉलीवुड की दुनिया से दूर जब कोई बड़ा ग्लोबल स्टार शांति की तलाश में निकलता है, तो अक्सर उसकी मंजिल भारत की धरती होती है। ऐसा ही कुछ इस बार भी देखने को मिला है जब दुनिया की सबसे पॉपुलर एक्शन फ्रेंचाइजी में से एक के मुख्य एक्टर अचानक भारत पहुंच गए।
द फास्ट एंड द फ्यूरियस जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी रफ्तार और दमदार एक्टिंग से लोगों को दीवाना बनाने वाले एक्टर और सिंगर टायरेस गिब्सन इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी कुछ ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। एक्टर ने यहां आकर न केवल भारतीय संस्कृति को करीब से महसूस किया बल्कि भगवान शिव के मंदिर जाकर पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना भी की।
बड़े पर्दे पर हैरतअंगेज स्टंट करने वाले टायरेस गिब्सन का एक बेहद अलग और शांत रूप भारत में देखने को मिला। टायरेस गिब्सन मुंबई के एक मंदिर में पहुंचे जहां उन्होंने बेहद साधारण तरीके से भगवान भोलेनाथ की आराधना की। इस दौरान उन्होंने शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित किया और हाथ जोड़कर भगवान का आशीर्वाद लिया।
टायरेस गिब्सन ने सोशल मीडिया पर इस पल को शेयर करते हुए इसे अपने जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। इस आध्यात्मिक अनुभव ने उनके मन को एक ऐसी शांति दी है जिसकी तलाश वह लंबे समय से कर रहे थे।
हॉलीवुड स्टार के इस भारत दौरे के पीछे कोई फिल्म प्रमोशन नहीं बल्कि एक बेहद खूबसूरत मानवीय कहानी छिपी हुई है। टायरेस गिब्सन ने खुद खुलासा किया कि वह यहां अपने बचपन के सबसे पक्के दोस्त केन्याटा के साथ आए हैं। दरअसल, विवान और साहिल नाम के दो दोस्तों की अटूट जीवनभर की दोस्ती से प्रेरित होकर उन्होंने यह यात्रा प्लान की थी।
टायरेस और केन्याटा महज 8 साल की उम्र से एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी रहे हैं। बचपन के तंगहाली के दिनों में जब टायरेस गिब्सन के पास कुछ नहीं था, तब उनके दोस्त के परिवार ने उन्हें सहारा दिया था और आज कामयाबी के शिखर पर पहुंचकर वह अपने उसी दोस्त को भारत घुमाने लाए हैं।
भारत में बिताया हर एक पल हॉलीवुड एक्टर टायरेस गिब्सन के जीवन को एक नया नजरिया देने वाला साबित हो रहा है। अपनी इस यात्रा के दौरान वह मुंबई में जानवरों के संरक्षण और उनके रेस्क्यू के लिए काम करने वाली एक संस्था से भी जुड़े। वहां के लोगों द्वारा बेजुबान जानवरों के लिए किए जा रहे निस्वार्थ काम को देखकर टायरेस भावुक हो गए।
टायरेस गिब्सन ने संस्था के संचालक की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह से यहां जीवों की रक्षा की जा रही है, उसे देखकर उन्हें पूरा विश्वास है कि एक दिन इस काम के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार जरूर मिलेगा। इस यात्रा ने टायरेस गिब्सन को अंदर से पूरी तरह बदल दिया है।