

Sushant Divgikar Medical Transition: मनोरंजन जगत में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और बेबाक पहचान के लिए जाने जाने वाले कलाकार सुशांत दिवगीकर, जिन्हें दुनिया ‘रानी कोहिनूर’ के नाम से भी पहचानती है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने लड़के से लड़की बनने यानी मेडिकल ट्रांजिशन और जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी के दौर को लेकर खुलकर बात की है। अपनी पहचान को स्वीकार करने और समाज के तानों का सामना करते हुए एक नई जिंदगी की शुरुआत करने का उनका यह सफर आसान नहीं रहा। इस मुश्किल बदलाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने जो कड़वे सच बयां किए हैं, वे हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
सुशांत से रानी कोहिनूर बनने की प्रक्रिया केवल मानसिक और भावनात्मक रूप से ही चुनौतीपूर्ण नहीं थी, बल्कि शारीरिक रूप से भी बहुत कष्टदायक रही। मेडिकल ट्रांजिशन के दौरान हार्मोनल बदलावों और सर्जरी के बाद होने वाली शारीरिक तकलीफों के बीच उन्हें समाज के कड़े आलोचनात्मक रवैये से गुजरना पड़ा। लोग अक्सर उनके रूप और लैंगिकता को लेकर तरह-तरह की बातें बनाते थे। हालांकि, उन्होंने इन तमाम तानों को अपनी राह में रोड़ा नहीं बनने दिया। उन्होंने जमकर हर मुश्किल परिस्थिति का सामना किया।
सुशांत ने बताया कि बचपन से ही उन्हें अपनी मूल पहचान को लेकर एक आंतरिक कशमकश महसूस होती थी। लड़के के रूप में जन्म लेने के बावजूद, उनका मन हमेशा एक लड़की की सहज संवेदनाओं से जुड़ा रहा। कई सालों तक अपनी इस भावना को दबाने के बाद अंततः उन्होंने खुद के प्रति ईमानदार रहने का फैसला किया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर साफ किया कि किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी असली पहचान को दुनिया के सामने लाना और सर्जरी जैसा बड़ा कदम उठाना एक व्यक्तिगत फैसला होता है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।
इस चुनौतीपूर्ण मोड़ पर सुशांत को अपने परिवार से जो स्नेह और सपोर्ट मिला, उसने उन्हें मजबूत बनाए रखा। समाज के नकारात्मक दृष्टिकोण के विपरीत, उनके अपनों ने उनकी खुशियों और फैसलों का सम्मान किया।
आज वे ‘रानी कोहिनूर’ के रूप में अपनी एक नई पहचान के साथ जी रही हैं। वे एक सफल ट्रांसजेडर मॉडल, गायिका और परफॉर्मर के रूप में न केवल मनोरंजन जगत में अपनी छाप छोड़ रही हैं, बल्कि ट्रांसजेडर कम्युनिटी के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी हुई हैं।