Sunil Lahri Birthday: शत्रुघ्न के लिए चुने गए थे सुनील लहरी, किस्मत ने बना दिया रामायण का लक्ष्मण

Sunil Lahri Ramayan: रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सुनील लहरी को पहले शत्रुघ्न के लिए चुना गया था। लक्ष्मण का रोल किसी और को मिला था, लेकिन किस्मत ने करवट ली और सुनील लहरी अमर लक्ष्मण बन गए।
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सुनील लहरी (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Sunil Lahri Shatrughan Role: रामानंद सागर की ऐतिहासिक टीवी सीरीज ‘रामायण’ भारतीय टेलीविजन के सबसे यादगार धारावाहिकों में गिनी जाती है। 1987-88 में दूरदर्शन पर प्रसारित इस शो ने न सिर्फ धार्मिक कथाओं को घर-घर पहुंचाया, बल्कि इसके कलाकारों को अमर पहचान भी दिलाई। भगवान राम के रूप में अरुण गोविल, माता सीता के रूप में दीपिका चिखलिया और लक्ष्मण के किरदार में सुनील लहरी आज भी दर्शकों के दिलों में उसी श्रद्धा और सम्मान के साथ बसे हुए हैं। खास बात यह है कि सुनील लहरी का लक्ष्मण बनना महज अभिनय नहीं, बल्कि किस्मत का अनोखा खेल था।

आज भी बहुत कम लोग जानते हैं कि सुनील लहरी को शुरुआत में लक्ष्मण नहीं, बल्कि शत्रुघ्न के किरदार के लिए चुना गया था। खुद सुनील लहरी ने कई इंटरव्यू में इस दिलचस्प किस्से का खुलासा किया है। जब उन्हें पता चला कि रामानंद सागर ‘रामायण’ बना रहे हैं और इसके लिए ऑडिशन चल रहे हैं, तो वह भी अपनी किस्मत आजमाने पहुंचे। ऑडिशन के बाद उनका चयन हुआ, लेकिन लक्ष्मण के लिए नहीं।

सुनील लहरी को ऐसे मिली थी लक्ष्मण का किरदार

दरअसल, लक्ष्मण का रोल पहले अभिनेता शशि पुरी को ऑफर किया गया था। हालांकि, कुछ व्यक्तिगत और प्रोडक्शन से जुड़ी वजहों के चलते शशि पुरी ने यह किरदार छोड़ दिया। इसके बाद रामानंद सागर की नजर सुनील लहरी पर पड़ी। एक दिन उन्होंने सुनील लहरी को देखकर कहा कि वह लक्ष्मण के रोल के लिए ज्यादा उपयुक्त हैं। खास बात यह रही कि खुद शशि पुरी ने भी सुनील लहरी को लक्ष्मण का किरदार निभाने की सलाह दी। यहीं से सुनील लहरी की जिंदगी ने नया मोड़ लिया और वह ‘सुमित्रा नंदन लक्ष्मण’ बन गए।

रामायण ने बना दिया था रातोंरात स्टार

‘रामायण’ ने सुनील लहरी को रातोंरात स्टार बना दिया। उनके चेहरे की मासूमियत, अभिनय में गहराई और राम के प्रति समर्पण ने लक्ष्मण के चरित्र को जीवंत कर दिया। शो खत्म होने के दशकों बाद भी लोग उन्हें उसी नाम से पहचानते हैं और सम्मान देते हैं। हालांकि, इस सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी भी है। रामायण से पहले सुनील लहरी को लगातार रिजेक्शन झेलने पड़े।

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