सुकुमार बर्थडे: पुष्पा 2 की सफलता के लिए बेमिसाल निर्देशक को सलाम, रश्मिका ने भी दी बधाई
अल्लू अर्जुन स्टारर "पुष्पा 2" की सफलता के साथ एक नए माइलस्टोन पर पहुंचे सुकुमार। रश्मिका मांदाना ने निर्देशक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सुकुमार की फिल्म ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर ₹1831 करोड़ की कमाई की।
- Written By: अदिति भंडारी
सुकुमार बर्थडे: पुष्पा 2 की सफलता के लिए बेमिसाल निर्देशक को सलाम, रश्मिका ने भी दी बधाई
मुंबई: सुकुमार भारतीय सिनेमा के जाने-माने निर्देशक है। साथ ही आज के सबसे बड़े फिल्ममेकर्स में से एक हैं। उनके जन्मदिन पर उनकी सफलता और भी खास हो गई है, खासकर “पुष्पा 2: द रूल” की बड़ी कामयाबी के साथ। इस फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन हिंदी में 70 करोड़ का कलेक्शन किया था। जो अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग में से एक है। फिलहाल, फिल्म ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर शानदार ₹1831 करोड़ की कमाई कर ली है।
निर्देशक के जन्मदिन पर फिल्म की एक्ट्रेस रश्मिका मांदाना ने भी इंस्टाग्राम में एक स्टोरी पोस्ट की है। जिसमें उन्होंने निर्देशक की एक फोटो शेयर की है जिसमें निर्देशक रश्मिका को सोते हुए देख रहे है। एक्ट्रेस ने फोटो में लिखा है, हैप्पी बर्थडे सर, मैं आपको याद करती हुं। मेरे पास आपकी ज्यादा फोटो नहीं है। पर मुझे इस फोटो से प्यार है क्योंकि ये आप है।
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रश्मिका मंदाना पोस्ट (सौ. इंस्टाग्राम)
सुकुमार भले ही फिल्म की ओपनिंग नंबरों का श्रेय न लें, लेकिन जिस तरह से फिल्म ने अपनी ओपनिंग के जबरदस्त आंकड़ों को बनाए रखा है, वह उनकी सफलता को बखूबी दिखाता है। भारत में ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी हाउसफुल शोज़ के साथ, सुकुमार ने इस आइकॉनिक फ्रेंचाइज़ के दूसरे पार्ट के लिए जबरदस्त क्रेज़ और उत्साह पैदा कर दिया है। उनकी शानदार कहानी कहने की कला और अनोखी सोच लगातार इंडस्ट्री में नए स्टैंडर्ड सेट कर रही है, जिससे उनका नाम सिनेमा के जीनियस के तौर पर और मजबूत हो गया है।
सुकुमार की बेमिसाल काबिलियत हर सीन में झलकती है, जिसने हर फ्रेम को बड़ा और यादगार बना दिया। सुकुमार की विजनरी सोच ने हर किरदार को गहराई और मजबूत बनाया है, चाहे वह अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना हों या फहाद फासिल हों। सुकुमार ने एक्शन सीक्वेंस से लेकर इमोशनल कहानी तक, हर पहलू में कमाल दिखाया है।
सुकुमार एक सजग और समझदार लेखक हैं, जिन्होंने हमेशा दिलचस्प कहानियां लिखी हैं। एक लेखक के रूप में, उन्हें गुडिपति वेंकटचलम, यंदामूरी वीरेंद्रनाथ और यड्डनापुड़ी सुलोचना रानी की रचनाओं से प्रेरणा मिली है। उनकी लिखाई में इन लेखकों का असर साफ दिखता है।उनकी लिखाई बाकी फिल्मों से बिलकुल अलग है। हीरो के दिखने का तरीका हो या विलेन की एंट्री, उनके हर किरदार की अपनी एक खास बात होती है। यकीन मानिए, वो आज के सबसे बढ़िया लेखक हैं।
दर्शक सुकुमार की अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, यह जानने के लिए कि वह इस नए माइलस्टोन को कैसे पार करेंगे। सुकुमार की विजनरी कहानी कहने की कला और उनका अनोखा हुनर दर्शकों में भारी उत्साह पैदा कर चुका है, और उन्हें सिनेमा का असली मास्टर बना दिया है।
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