राणाबाली की कहानी (फोटो- सोशल मीडिया)
Vijay Deverakonda and Rashmika Mandanna Film Ranabaali True Story: राणाबाली को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी एक बार फिर इस फिल्म के जरिए पर्दे पर साथ नजर आने वाली है। अब फिल्म के डायरेक्टर राहुल सांकृत्यायन ने इसकी कहानी और मेकिंग को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की हैं। राहुल सांकृत्यायन ने बताया कि ‘राणाबाली’ की कहानी पूरी तरह से वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। इसके लिए उन्होंने गहन रिसर्च की, जिसमें इतिहासकारों, कवियों और स्थानीय लोगों से बातचीत शामिल रही।
राहुल सांकृत्यायन ने कहा कि इतिहास सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि गांवों की परंपराओं और लोककथाओं में भी जीवित रहता है। विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म में ऐसे ही कई अनसुने किस्सों को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की गई है। डायरेक्टर राहुल सांकृत्यायन ने बताया कि फिल्म 19वीं सदी के मद्रास प्रेसीडेंसी के दौर पर आधारित है, जिसमें आज का चेन्नई, तेलुगु क्षेत्र और बेंगलुरु शामिल थे।
राहुल सांकृत्यायन के मुताबिक, इस क्षेत्र में संघर्ष और जुझारूपन की कई ऐसी कहानियां हैं, जो मुख्यधारा के सिनेमा में शायद ही दिखाई गई हैं। ‘राणाबाली’ इन्हीं कहानियों को सामने लाने का प्रयास है। राहुल सांकृत्यायन ने साझा किया कि फिल्म के कुछ सबसे प्रभावशाली सीन उन्हें गांवों और पुराने अभिलेखागारों से मिले। उन्होंने एक खास अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि अपने पिता के गांव की यात्रा के दौरान उन्होंने एक भूली-बिसरी परंपरा को फिर से जीवित होते देखा, जिसने फिल्म के क्लाइमेक्स को प्रेरित किया।
‘राणाबाली’ को एक पैन-इंडिया पीरियड ड्रामा के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसमें औपनिवेशिक दौर के दौरान लोगों के संघर्ष, परंपराओं और सामाजिक परिस्थितियों को दिखाया जाएगा। फिल्म में अर्नोल्ड वोस्लू भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। कुल मिलाकर, ‘राणाबाली’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि इतिहास के उन पन्नों को उजागर करने की कोशिश है, जो समय के साथ कहीं खो गए थे।