सिद्धांत चतुर्वेदी (फोटो- सोशल मीडिया)
Siddhant Chaturvedi Struggle Story: अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने संघर्ष भरे सफर को याद किया, जिसने उनके फैंस और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का दिल छू लिया। अपनी आने वाली फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ की रिलीज से पहले सिद्धांत ने अपने शुरुआती दिनों, सपनों और उन मुश्किल फैसलों के बारे में खुलकर बात की, जो उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आए।
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस पोस्ट में सिद्धांत ने 2008 के स्कूल विदाई समारोह को याद करते हुए लिखा कि उस वक्त उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 18 साल बाद उनकी जिंदगी किस दिशा में जाएगी। उन्होंने बताया कि जब उनके आसपास के बच्चे इंजीनियर, डॉक्टर या एस्ट्रोनॉट बनने के सपने देख रहे थे, तब वह चुपचाप अपने दिल में एक्टर बनने की चाह छुपाए बैठे रहते थे।
सिद्धांत के मुताबिक, यह सपना इतना बड़ा था कि उसे ज़ोर से कहने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाते थे। अभिनेता ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि इस सपने को पूरा करने के लिए उन्हें कई कठिन फैसले लेने पड़े। सीए की पढ़ाई छोड़ना, ऑडिशन के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना और लगातार असफलताओं का सामना करना उनके लिए आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहे।
सिद्धांत ने लिखा कि आज संजय लीला भंसाली जैसे दिग्गज फिल्ममेकर के बैनर तले काम करने का मौका मिलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। अपने संघर्षों को याद करते हुए सिद्धांत ने कहा कि इस सफर में कई लोग जुड़े और कई बीच रास्ते साथ छोड़कर चले गए, लेकिन उन्होंने कभी किसी से शिकायत नहीं की। उन्होंने लिखा कि मेरे सपनों का बोझ सिर्फ मेरा है। उसे सिर्फ मैं और मेरा तकिया जानते हैं, जिस पर मैं हर रात सिर रखता हूं।
अपने सपनों की रक्षा करने की बात कहते हुए सिद्धांत चतुर्वेदी ने लिखा कि चलो कहानी नहीं, इतिहास लिखते हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो सिद्धांत चतुर्वेदी जल्द ही मृणाल ठाकुर के साथ रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ में नजर आएंगे। इस फिल्म का निर्देशन रवि उद्यावर कर रहे हैं और इसे संजय लीला भंसाली प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म से सिद्धांत के करियर को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।