15 साल की उम्र में मिला पहला श्रेया घोषाल को बड़ा ब्रेक, 5 नेशनल अवॉर्ड जीतकर बनीं सिंगिंग क्वीन

Shreya Ghoshal National Award: मशहूर सिंगर श्रेया घोषाल आज 42वां जन्मदिन मना रही हैं। रियालिटी शो में उनकी आवाज सुनकर संजय लीला भंसाली ने उन्हें फिल्म देवदास में गाने का मौका दिया।
Famous singer Shreya Ghoshal is celebrating her 42nd birthday today
श्रेया घोषाल (फोटो- सोशल मीडिया)
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Shreya Ghoshal Birthday Special Story: भारतीय संगीत जगत की सबसे लोकप्रिय आवाज़ों में से एक श्रेया घोषाल आज 12 मार्च को अपना 42वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली श्रेया ने बेहद कम उम्र में ही संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली थी। खास बात यह है कि उनकी सफलता की कहानी एक रियालिटी शो से शुरू हुई, जिसने उनकी किस्मत बदलकर रख दी।

कहा जाता है कि मां ही बच्चे की पहली गुरु होती है और श्रेया घोषाल के जीवन में भी यह बात बिल्कुल सच साबित हुई। उनकी मां खुद भी बहुत अच्छा गाती थीं और उन्होंने ही श्रेया के भीतर छिपे संगीत के हुनर को पहचाना। सिर्फ छह साल की उम्र में ही श्रेया को संगीत की औपचारिक ट्रेनिंग दिलाई गई। बचपन से ही उनकी आवाज़ इतनी सुरीली थी कि स्कूल के कार्यक्रमों में जब भी वह गातीं, लोग मंत्रमुग्ध हो जाते।

पढ़ाई में भी थीं अव्वल

बहुत कम लोग जानते हैं कि श्रेया पढ़ाई में भी काफी तेज थीं। उन्होंने 12वीं तक साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की थी। हालांकि बाद में उन्होंने संगीत को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया और आर्ट्स की पढ़ाई चुनी, ताकि पूरी तरह से सिंगिंग पर ध्यान दे सकें। कम उम्र में ही श्रेया ने एक सिंगिंग रियालिटी शो में हिस्सा लिया। इसी शो ने उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। दरअसल, मशहूर फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ने शो में उनकी आवाज़ सुनी और तुरंत शो के प्रोड्यूसर को फोन कर उस लड़की के बारे में जानकारी मांगी। इसके बाद श्रेया को ऑडिशन के लिए बुलाया गया।

‘देवदास’ से मिला पहला बड़ा मौका

संजय लीला भंसाली ने अपनी फिल्म देवदास के लिए श्रेया का ऑडिशन लिया। उस समय श्रेया की उम्र सिर्फ 15 साल थी। उनकी आवाज़ सुनते ही भंसाली इतने प्रभावित हुए कि उन्हें फिल्म में पारो के किरदार के लिए गाने का मौका दे दिया। फिल्म का मशहूर गाना बैरी पिया श्रेया घोषाल ने गाया और यह गाना रातोंरात सुपरहिट हो गया। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस गाने की रिकॉर्डिंग पहली ही कोशिश में कर ली थी।

पहला गाना और मिला नेशनल अवॉर्ड

‘बैरी पिया’ सिर्फ एक हिट गाना ही नहीं था, बल्कि इसी गाने ने श्रेया को उनका पहला नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज श्रेया घोषाल हिंदी सहित 20 से ज्यादा भाषाओं में हजारों गाने गा चुकी हैं। अपने शानदार करियर में उन्होंने 5 नेशनल अवॉर्ड और कई राज्य स्तरीय पुरस्कार जीते हैं। उनकी सुरीली आवाज़ आज भी भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज कर रही है।

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