शोले का होली सॉन्ग (फोटो-सोशल मीडिया)
Sholay Holi Song Shooting Story: रंगों का त्योहार होली आते ही हिंदी सिनेमा के यादगार गाने लोगों की प्लेलिस्ट में छा जाते हैं। इन्हीं में सबसे ऊपर रहता है फिल्म शोले का मशहूर गीत ‘होली के दिन’। यह गाना सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के इतिहास का आइकॉनिक हिस्सा बन चुका है। 1975 में रिलीज हुई इस कल्ट क्लासिक फिल्म का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था।
‘होली के दिन’ गाने में धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की मस्ती ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। रामगढ़ के गांव में रंग, नाच-गाना और खुशी का माहौल दिखाया गया, लेकिन इसी दौरान गब्बर और उसके साथियों के हमले से फिल्म का टोन अचानक बदल जाता है। यही बदलाव इस गाने को और भी यादगार बना देता है।
कम ही लोग जानते हैं कि इस गाने को शूट करने में पूरे 10 दिन का समय लगा था। शूटिंग के दौरान निरंतरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती थी। चूंकि गाना होली के रंगों से भरा हुआ था, इसलिए कलाकारों को पूरे 10 दिन तक रंगों में ही रहना पड़ा। मेकअप का इस्तेमाल लगभग नहीं के बराबर किया गया और सभी कलाकार चेहरे पर गुलाल लगाए सेट पर घूमते थे, ताकि हर सीन में रंगों की एक जैसी झलक बनी रहे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गाने के लिए करीब 100 टन गुलाल मंगवाया गया था। अलग-अलग हिस्सों से विशेष रूप से रंग मंगाए गए ताकि दृश्य भव्य और वास्तविक लगे। इतने बड़े पैमाने पर रंगों का इस्तेमाल उस दौर में किसी भी फिल्म के लिए असाधारण था। ‘शोले’ की बात करें तो शुरुआत में फिल्म का प्रदर्शन बॉक्स ऑफिस पर साधारण रहा, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों के बीच इसका क्रेज बढ़ता गया।
फिल्म ने सफलता के ऐसे आयाम स्थापित किए कि यह हिंदी सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाने लगी। मुंबई के एक सिनेमाघर में लगातार 2000 दिनों तक चलने का रिकॉर्ड भी इसी फिल्म के नाम दर्ज है। आज भी जब होली का त्योहार आता है, तो ‘होली के दिन’ गाना हर गली-मोहल्ले में गूंज उठता है। 10 दिन की मेहनत से तैयार हुआ यह गीत भारतीय सिनेमा की रंगीन विरासत का अमिट हिस्सा बन चुका है।