शिल्पा राव (फोटो- सोशल मीडिया)
Shilpa Rao Birthday Special Story: शिल्पा राव आज बॉलीवुड की जानी-मानी आवाज बन चुकी हैं, लेकिन उनका सफर आसान नहीं रहा। 11 अप्रैल 1984 को जमशेदपुर में जन्मीं शिल्पा का असली नाम अपेक्षा राव था। एक संगीतप्रेमी परिवार में पली-बढ़ीं शिल्पा को बचपन से ही गाने का शौक था। उनके पिता एस. वेंकट राव ने उन्हें शुरुआती संगीत की शिक्षा दी, जिससे उनकी नींव मजबूत हुई।
शिल्पा राव की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उनकी मुलाकात मशहूर गायक हरिहरन से हुई। उनकी आवाज सुनकर हरिहरन इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत उनकी प्रतिभा को पहचान लिया। इतना ही नहीं, हरिहरन शिल्पा को अपने साथ मुंबई ले आए, ताकि वह बड़े स्तर पर अपनी कला को निखार सकें। यही वह पल था, जिसने शिल्पा की जिंदगी की दिशा बदल दी और उन्होंने सिंगिंग को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया।
मुंबई आने के बाद शिल्पा के लिए रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। हिंदी इंडस्ट्री में अलग आवाज होने की वजह से उन्हें शुरुआत में ज्यादा मौके नहीं मिले। इस दौरान उन्होंने विज्ञापनों के लिए जिंगल्स गाकर अपने करियर की शुरुआत की। करीब तीन साल तक लगातार मेहनत करने के बाद धीरे-धीरे उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनानी शुरू की।
साल 2007 में शिल्पा राव को बड़ा ब्रेक मिला, जब म्यूजिक डायरेक्टर मिथुन ने उन्हें फिल्म ‘अनवर’ का गाना ‘तोसे नैना’ गाने का मौका दिया। यह गाना रिलीज होते ही सुपरहिट हो गया और शिल्पा की आवाज लोगों के दिलों में बस गई। इसके बाद उन्होंने ‘खुदा जाने’, ‘मलंग’, ‘वो अजनबी’ और ‘मुड़ी मुड़ी’ जैसे कई हिट गाने गाकर अपनी खास पहचान बनाई।
शिल्पा राव ने अपने करियर में कई बड़े म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ काम किया है। खास तौर पर विशाल-शेखर के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया जाता है। फिल्म ‘पठान’ का चर्चित गाना ‘बेशरम रंग’ भी उनकी आवाज में रिकॉर्ड किया गया, जिसने काफी सुर्खियां बटोरीं। आज शिल्पा राव सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि तमिल और तेलुगू फिल्मों में भी अपनी आवाज का जादू बिखेर रही हैं। उन्हें अपने करियर में कई अवॉर्ड्स और सम्मान भी मिल चुके हैं। उनकी गायकी की गहराई और अलग अंदाज ही उन्हें बाकी सिंगर्स से खास बनाता है।