महिलाओं के जीवन पर आधारित है सान्या मल्होत्रा की Mrs, इन 5 कारण से समझें क्यों जरूरी है फिल्म
सान्या मल्होत्रा की फिल्म Mrs ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम चुकी है। फिल्म में सान्या मल्होत्रा ने कमाल का काम किया है। इस फिल्म में वो सब दिखाने की कोशिश की गई है, जिसे अक्सर मेनस्ट्रीम सिनेमा में दरकिनार कर दिया है।
- Written By: सोनाली झा
सान्या मल्होत्रा की फिल्म Mrs
मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस सान्या मल्होत्रा की फिल्म Mrs इन दिनों चर्चा में हैं। जब से Mrs ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हुई है, तब से फिल्म चर्चा में आ गई है। इस फिल्म में एक ऐसी लड़की की कहानी को दिखाया गया है, जिसके सपने और चाहत सिलबट्टे की चटनी से पिसकर रह जाते हैं। आरती कदव के डायरेक्शन में बनी फिल्म इस वक्त सुर्खियों में बनी हुई है।
सान्या मल्होत्रा ने इस फिल्म में कमाल का काम किया है। सान्या ने पिछले कई फिल्मों में काम करके अपने अभिनय को निखारी हैं। इस फिल्म में वो सब दिखाने की कोशिश की गई है, जिसे अक्सर मेनस्ट्रीम सिनेमा में दरकिनार कर दिया है। ये कहानी उस हर महिला की कहानी है, जो अपना सारा जीवन घर की देखभाल और किचन में बिता देती है। आपने कभी ये सोचा है कि जिस टेबल पर बैठकर आप नाश्ता, लंच या डिनर करते हैं, उसे ख़त्म करने के बाद क्या होता है।
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सान्या मल्होत्रा की फिल्म Mrs एक मलयालम फिल्म ‘द ग्रेट इंडियन किचन’ की रीमेक है। फिल्म की कहानी समाज को एक आईना दिखाने की कोशिश करती है। शादी करके ससुराल पहुंची एक महिला जिसके मन में कई सवाल हैं कई ख्वाहिशें हैं, कैसे उसे उसका ही परिवार के दायरे में सीमित कर के रख देता ये देखकर मन में कई सवाल खड़े होते हैं।
फिल्म में दिखाया गया है कि महिलाओं का काम घर का खाना बनाना और बर्तन धोना है। फिल्म में हम देखते हैं कि सान्या के ससुर के किरदार को उनकी पत्नी अपने हाथ से पीसकर ही चटनी देती है। आदमी अपनी छोटी से छोटी जरूरतों के लिए घर की औरतों पर निर्भर है। मगर हैरान करने वाली बात तब ज्यादा लगती है जब इसका क्रेडिट तक उन महिलाओं को नहीं मिलता। फिल्म में सान्या के पति और ससुर दोनों को बहुत ही शांत स्वभाव का दिखाया गया है। वे मुस्कुरा कर बात करते हैं और कभी गुस्सा नहीं हुए। यह दिखाता है कि उत्पीड़न के कई रूप हो सकते हैं जो आसानी से नजर नहीं आते।
