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रश्मिका मंदाना ने फिल्म रणबाली के रोल जयम्मा से प्रेरित होकर 400 जरूरतमंद परिवारों की मदद का फैसला लिया।
एक्ट्रेस अगले 1 साल तक इन परिवारों के राशन का खर्च उठाएंगी, जिसे 3-3 महीने के चरणों में दिया जाएगा।
रश्मिका चाहती हैं कि उनकी इस पहल से प्रेरित होकर दूसरे लोग भी मदद के लिए आगे आएं।
Rashmika Mandanna Helping 400 Families: फिल्म इंडस्ट्री के स्टार्स अक्सर अपनी फिल्मों और किरदारों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते हैं, लेकिन कई बार ये किरदार उनकी पर्सनल लाइफ पर भी गहरा प्रभाव छोड़ती हैं। साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक अपनी खास पहचान बना चुकी एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'रणबाली' को लेकर सुर्खियों में हैं।
इस फिल्म में उन्होंने 'जयम्मा' नाम का एक बेहद मजबूत रोल निभाया है। एक्ट्रेस का मानना है कि बड़े पर्दे पर निभाए जाने वाले कुछ किरदार इंसान के दिलो-दिमाग पर गहरी छाप छोड़ जाते हैं। उन्होंने पाया कि उनके और उनके इस नए रोल के बीच संवेदनशीलता को लेकर एक खास समानता है, जिसने उन्हें समाज के प्रति कुछ खास जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया है।
मानवता की भलाई के लिए किए जाने वाले काम अक्सर पर्दे के पीछे चुपचाप किए जाते हैं, ताकि उनका दिखावा न हो। एक्टर विजय देवरकोंडा की पत्नी और उबरती हुई साउथ एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना भी लंबे समय से अपनी तरफ से इस तरह के काम करती आ रही थीं, लेकिन उन्होंने इन्हें हमेशा दुनिया की नजरों से दूर रखा। उनका मानना था कि इस तरह की मदद के बारे में सिर्फ उन्हें और उनकी टीम को पता होना ही काफी है।
हालांकि इस बार उन्होंने इस सिलसिले को सबके सामने लाने का फैसला किया ताकि इसे देखकर समाज के बाकी लोग भी प्रेरित हो सकें। उनका मानना है कि यदि उनके इस काम से कुछ और लोग भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं, तो यह समाज के लिए एक पॉजिटिव बदलाव साबित होगा।
इस नेक पहल की शुरुआत करते हुए रश्मिका मंदाना ने आधिकारिक तौर पर 400 परिवारों को गोद लेने का बड़ा कदम उठाया है। उनकी योजना के अनुसार इन सभी परिवारों को अगले एक साल तक लगातार मदद पहुंचाई जाएगी। इसके तहत हर परिवार को 3-3 महीने की किस्तों में राशन का पूरा खर्च दिया जाएगा।
ऐसा करने के पीछे उनका मुख्य लक्ष्य यह है कि इन परिवारों को खाने-पीने की बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष न करना पड़े। वे चाहती हैं कि किराने के सामान पर होने वाले खर्च को बचाकर ये परिवार अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में पैसे जोड़ सकें और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।