

RK Studio New Building: दिवंगत शोमैन राज कपूर ने 1948 में आरके स्टूडियो की स्थापना कर हिंदी सिनेमा को एक नई दिशा दी थी। यह स्टूडियो सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पहचान बन गया था। यहां बनी फिल्मों ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया और राज कपूर को सिनेमा का ‘शोमैन’ बना दिया। अब उनकी इसी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उनके पोते रणबीर कपूर ने संभालने का फैसला किया है। खबरों के अनुसार, रणबीर अपने परिवार के साथ मिलकर आरके स्टूडियो को नए रूप में फिर से शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई के अंधेरी इलाके में कनकिया वॉल स्ट्रीट कमर्शियल बिल्डिंग में पांच मंजिला स्पेस 20 साल की लीज पर लिया गया है। इसी जगह को आधुनिक सुविधाओं से लैस नए आरके स्टूडियो में बदला जाएगा। स्टूडियो में आर्ट स्टूडियो, मेकअप रूम, प्राइवेट स्क्रीनिंग रूम और एक मंदिर भी बनाया जाएगा, जिससे पुरानी परंपराओं और भावनाओं को बरकरार रखा जा सके। इसके अलावा म्यूजिक कंपोजिंग और एडिटिंग के लिए अलग फ्लोर तैयार किया जाएगा। योजना है कि शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक का पूरा काम एक ही परिसर में हो, ताकि फिल्म निर्माण की प्रक्रिया और सुगम हो सके।
नए आरके स्टूडियो के संचालन में रणबीर कपूर के साथ करिश्मा कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा नीतू कपूर, रणधीर कपूर और नताशा नंदा के लिए भी अलग केबिन बनाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि स्टूडियो का डिजाइन इस तरह किया जाएगा कि यहां एक साथ तीन फिल्मों की शूटिंग संभव हो सके। एक पूरा फ्लोर पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए समर्पित रहेगा, जिससे यह स्टूडियो तकनीकी रूप से भी आधुनिक होगा।
चेम्बूर स्थित पुराना आरके स्टूडियो कभी बॉलीवुड का प्रतीक हुआ करता था। परिवार ने आपसी सहमति से इसे करीब 180 करोड़ रुपये में बेच दिया था। इसी स्टूडियो में ‘बरसात’, ‘आवारा’, ‘मेरा नाम जोकर’, ‘बॉबी’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘प्रेम रोग’ और ‘राम तेरी गंगा मैली’ जैसी कालजयी फिल्में बनी थीं। रणबीर कपूर की यह पहल सिर्फ एक स्टूडियो की वापसी नहीं, बल्कि एक गौरवशाली सिनेमाई विरासत को नए दौर में पुनर्जीवित करने की कोशिश है।