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यश के रावण वाले सिंहासन को बनाने में करीब 4 महीने लगे और इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई गई।
रावण का सिंहासन 24 कैरेट गोल्ड लीफिंग से सजाया गया था।
रकुल प्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले रथ को बनाने में 90 दिन लगे और इस पर 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए।
Yash Ravan Look Ramayana: नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म 'रामायण' अपनी भव्यता और शानदार विजुअल्स को लेकर चर्चा में है। रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी स्टारर इस फिल्म को बड़े पर्दे पर खास बनाने के लिए मेकर्स ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। फिल्म की स्टारकास्ट, वीएफएक्स और म्यूजिक के अलावा इसके सेट और भव्य सिंहासन भी दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं।
अब फिल्म के आर्ट डायरेक्टर रमेश ने इसके सेट से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में रावण का सिंहासन तैयार करने में करीब 1 करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि शूर्पणखा के रथ पर डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा लगाए गए। फिल्म में यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। उनके लिए तैयार किया गया विशाल सिंहासन फिल्म के सबसे आकर्षक सेट्स में से एक है।
आर्ट डायरेक्टर रमेश के मुताबिक, इस सिंहासन को बनाने में करीब चार महीने का समय लगा था। इसकी शुरुआत मिट्टी से क्ले मॉडल तैयार करने के साथ हुई। इसके बाद उसका मोल्ड बनाया गया और फाइबर की मदद से सिंहासन को अंतिम आकार दिया गया। इस सिंहासन को शाही और भव्य लुक देने के लिए 24 कैरेट गोल्ड लीफिंग का इस्तेमाल किया गया। यही वजह है कि इसे तैयार करने में करीब 1 करोड़ रुपये की लागत आई।
फिल्म रामायण में रकुल प्रीत सिंह ने रावण की बहन शूर्पणखा का किरदार निभाया है। उनके लिए तैयार किए गए रथ को बनाने में भी मेकर्स ने काफी मेहनत और पैसा लगाया। रमेश के अनुसार, इस रथ को तैयार करने में करीब तीन महीने लगे और इसकी लागत डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा रही।
आर्ट डायरेक्टर ने फिल्म रामायण के एक और खास हिस्से का खुलासा किया। उनके मुताबिक, जटायु का स्केलेटन मॉडल करीब 24 फीट ऊंचा तैयार किया गया था। इसके अलावा मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में 'रामायण' के लिए 150 से ज्यादा सेट बनाए गए थे।
रमेश ने बताया कि रामायण जैसा विशाल प्रोजेक्ट उनके लिए भी एक अलग अनुभव रहा। वह इससे पहले करीब 30 फिल्मों में आर्ट डायरेक्शन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इनमें 'बड़े मियां छोटे मियां', '83', 'टाइगर जिंदा है' और 'सुल्तान' जैसी फिल्में शामिल हैं। इन जानकारियों से साफ है कि 'रामायण' को भव्य बनाने के लिए पर्दे के पीछे भी बड़े स्तर पर मेहनत की गई है।