सतलुज के समर्थन में उतरे राम गोपाल वर्मा, बोले- इस फिल्म का 'एनकाउंटर' मत कीजिए, इसे हर किसी को देखना चाहिए

Ram Gopal Varma Reaction: दिलजीत दोसांझ की सतलुज को जी5 से हटाए जाने के बाद राम गोपाल वर्मा इसके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इसे दबाने के बजाय देखा, दिखाया और इस पर बहस की जानी चाहिए।
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सतलुज के समर्थन में उतरे राम गोपाल वर्मा (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Ram Gopal Varma Support Satluj: निर्देशक हनी त्रेहान की फिल्म 'सतलुज' (पहले 'पंजाब 95') इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई यह फिल्म दो दिन बाद ही हटा ली गई, जिसके बाद विवाद और तेज हो गया। अब फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा भी फिल्म के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।

राम गोपाल वर्मा ने एक्स पर लिखा कि 'सतलुज' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारत के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक को सामने लाने वाली बेहद जरूरी कहानी है। उन्होंने दिलजीत दोसांझ के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी दिखावटी हीरोपंती के शांत और प्रभावशाली अंदाज में किरदार निभाया है। वहीं अर्जुन रामपाल के प्रदर्शन को भी उन्होंने कहानी का अहम हिस्सा बताया।

हनी त्रेहान के निर्देशन की की तारीफ

राम गोपाल वर्मा ने निर्देशक हनी त्रेहान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस संवेदनशील विषय को सनसनीखेज बनाने के बजाय एक इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर की तरह पेश किया है। सरकारी फाइलों, रिकॉर्ड्स और तथ्यों के जरिए कहानी को आगे बढ़ाने का तरीका फिल्म को और ज्यादा असरदार बनाता है। उनके मुताबिक, फिल्म यह दिखाती है कि सच को दबाने की कोशिश आखिरकार उसे और ज्यादा मजबूत बना देती है।

फिल्म का एनकाउंटर मत कीजिए

जी5 से फिल्म हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए राम गोपाल वर्मा ने कहा कि किसी भी ऐसी कला को दबाने की कोशिश, जो सत्ता से सवाल पूछती है, उसकी अहमियत और बढ़ा देती है। उन्होंने लिखा कि 'सतलुज' ऐसी फिल्म है जिसे देखा जाना चाहिए, दिखाया जाना चाहिए और जिस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, न कि उसका एनकाउंटर किया जाना चाहिए।

अधिकारियों से की खास अपील

अपनी पोस्ट के आखिर में राम गोपाल वर्मा ने अधिकारियों से अपील की कि वे इस फिल्म के साथ वैसा व्यवहार न करें जैसा फिल्म में दिखाए गए मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के साथ हुआ था। उन्होंने कहा कि सच को छिपाने की हर कोशिश उसे और अधिक ताकत देती है। राम गोपाल वर्मा का यह बयान सामने आने के बाद फिल्म 'सतलुज' को लेकर चल रही बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

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