

Rakul Preet Singh: बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा को लेकर खुलकर बात की। 'एबीपी इंडिया 2047 यूथ कॉन्क्लेव' के 'द आउटसाइडर: द एक्स फैक्टर' सेशन में शिरकत करते हुए रकुल ने बताया कि एक बाहरी व्यक्ति (Outsider) के लिए मायानगरी में पैर जमाना कितना कठिन होता है। रकुल के अनुसार, बॉलीवुड में मौके तो मिलते हैं, लेकिन उन मौकों तक पहुँचने का रास्ता बहुत लंबा और थका देने वाला होता है।
आज इंडस्ट्री का जाना-माना नाम बन चुकीं रकुल ने याद किया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए दर-दर भटकना पड़ा था। उन्होंने बताया कि किस तरह कास्टिंग डायरेक्टर्स उनके फोन तक नहीं उठाते थे।
इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के सवाल पर रकुल ने कहा, "यह सब आपकी सोच पर निर्भर करता है। मैं फिल्मी पृष्ठभूमि से नहीं हूं, इसलिए मुझे पता था कि रास्ता मुश्किल होगा। शुरुआती कुछ साल तो सिर्फ यह बताने में निकल गए कि 'हैलो, मैं भी यहाँ हूँ'। आपको काम के लिए कास्टिंग डायरेक्टर्स को लगातार फोन करना पड़ता है, और अक्सर वे फोन नहीं उठाते क्योंकि हर दिन हजारों लोग एक्टर बनने का सपना लेकर आते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर आपमें टैलेंट है, तो देरी से ही सही, काम जरूर मिलता है।
नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) पर रकुल ने एक व्यवहारिक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा, "मैं नेपोटिज्म पर बहस नहीं करती। हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए वह सब करते हैं जो वे कर सकते हैं। भारत में बिजनेस इसी तरह पीढ़ियों तक चलते हैं।" वहीं अपनी फिटनेस का राज साझा करते हुए रकुल ने बताया कि खूबसूरती अंदरूनी खुशी से आती है। वे अपनी डाइट में चावल, दाल, ज्वार, बाजरा और घर का सादा खाना पसंद करती हैं।
रकुल ने ओटीटी रिलीज विंडो पर आमिर खान के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि थिएटर में रिलीज होने के कम से कम 6 महीने बाद ही फिल्मों को ओटीटी पर आना चाहिए, ताकि सिनेमाघरों का बिजनेस प्रभावित न हो। अपनी भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए रकुल ने इच्छा जताई कि वे शाहरुख खान और रणवीर सिंह के साथ स्क्रीन शेयर करना चाहती हैं। जल्द ही वे आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म 'पति पत्नी और वो 2' में नजर आएंगी।