राजपाल यादव और सलमान खान (फोटो- सोशल मीडिया)
Rajpal Yadav Tihar Jail: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस क्लिप में वह सुपरस्टार सलमान खान की जमकर तारीफ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या सलमान खान ने राजपाल यादव को तिहाड़ जेल से रिहा कराने में मदद की है। हालांकि, जांच करने पर सामने आया कि वायरल दावा भ्रामक है।
वायरल वीडियो में राजपाल यादव कहते दिख रहे हैं कि सलमान भाई बड़े भाई की तरह हैं। उनके साथ बैठकर अंदर से बहुत खुशी होती है। वह इंडस्ट्री में लोगों की मदद करने के लिए सलमान की सराहना भी करते हैं। जब उनसे राहत के बारे में पूछा जाता है, तो वह कहते हैं कि सच में राहत महसूस कर रहा हूं। वीडियो की टाइमिंग को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
कई यूजर्स ने इसे हालिया फुटेज मानते हुए दावा किया कि सलमान खान ने उनके 9 करोड़ रुपये के कर्ज मामले में मदद की है। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह पुराना वीडियो है और इसे गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है। दरअसल, यह वीडियो 2018 का है, जब राजपाल यादव जेल से रिहा हुए थे। उस समय उन्हें अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए करीब 5 करोड़ रुपये के लोन को न चुका पाने के मामले में दोषी ठहराया गया था।
चेक बाउंस केस में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी और उन्होंने लगभग तीन महीने की सजा काटी थी। वर्तमान में, रिपोर्ट्स के अनुसार, राजपाल यादव 5 फरवरी 2026 को एक पुराने चेक-बाउंस केस में सरेंडर करने के बाद तिहाड़ जेल में हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को निर्धारित है।
बड़ी खबर: राजपाल यादव जेल से रिहा हो गए हैं 🫡 खबरों के मुताबिक, राजपाल यादव जेल से रिहा हो गए हैं और रिहाई के तुरंत बाद उन्होंने सलमान खान को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा: “सलमान भाई मेरे लिए भाई जैसे हैं। हमारी इंडस्ट्री में उनके जैसे लोग बहुत कम हैं – वे… pic.twitter.com/rFpQi7Z6wV — ममता राजगढ़ (@rajgarh_mamta1) February 14, 2026
अब तक इस मामले में सलमान खान की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक मदद या हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो को हालिया बताकर शेयर करना भ्रामक है। यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय तथ्यों की जांच करना जरूरी है।