राजकुमार राव की मालिक की रफ्तार सुस्त, सुपरमैन से पिछड़ी फिल्म, जानें कलेक्शन

राजकुमार राव की फिल्म मालिक 11 जुलाई को रिलीज हुई, लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। पहले वीकेंड में फिल्म ने 14.25 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन सोमवार से कमाई में भारी गिरावट आई।
राजकुमार राव की मालिक की रफ्तार सुस्त, सुपरमैन से पिछड़ी फिल्म, जानें कलेक्शन
राजकुमार राव की मालिक की रफ्तार सुस्त
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Box Office Collection: राजकुमार राव की फिल्म 'मालिक' ने 11 जुलाई को बड़े पर्दे पर दस्तक दी। दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्सुकता थी, क्योंकि फिल्म में राजकुमार राव के साथ-साथ मानुषी छिल्लर, प्रोसेनजीत चटर्जी और हुमा कुरैशी जैसे सितारे भी नजर आ रहे थे। पहले वीकेंड तक सबकुछ ठीक लग रहा था, लेकिन सोमवार से फिल्म की रफ्तार धीमी होती चली गई।

पुलकित द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने पहले दिन 3.75 करोड़ रुपये की शुरुआत की, जो शनिवार और रविवार को बढ़कर 5.25-5.25 करोड़ रुपये तक पहुंची। वीकेंड में हुई इस रफ्तार ने उम्मीदें जगाईं, लेकिन हकीकत सोमवार से सामने आने लगी। पहले सोमवार को फिल्म ने केवल 1.75 करोड़ रुपये की कमाई की और फिर मंगलवार को गिरकर 1.3 करोड़ रुपये पर आ गई। अब तक फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 17.3 करोड़ रुपये हुआ है।

मालिक का बजट

इस आंकड़े को फिल्म के 50 करोड़ के बजट के सामने रखा जाए, तो यह काफी कमजोर परफॉर्मेंस है। दर्शकों को राजकुमार राव का अभिनय पसंद आया, लेकिन एक अच्छी परफॉर्मेंस भी कमजोर स्क्रिप्ट और अधपकी कहानी की भरपाई नहीं कर पाई। 'मालिक' के साथ रिलीज हुई हॉलीवुड की 'सुपरमैन' का जलवा बॉक्स ऑफिस पर साफ नजर आ रहा है।

आंखों की गुस्ताखियां का हाल

सोमवार को 'सुपरमैन' ने 2.3 करोड़ रुपये कमाए थे और मंगलवार को 1.99 करोड़, जिससे उसका कुल भारत कलेक्शन 30.29 करोड़ रुपये हो चुका है। साफ है कि दर्शकों की बड़ी संख्या इस विदेशी हीरो की ओर खिंचती नजर आई। वहीं, ‘आंखों की गुस्ताखियां’ जैसी अन्य हिंदी फिल्में पहले ही बॉक्स ऑफिस की दौड़ से बाहर नजर आ रही हैं, ऐसे में 'मालिक' से उम्मीद थी कि वो टिक पाएगी। लेकिन कहानी की पकड़ कमजोर रही और दर्शकों से जुड़ाव नहीं बन पाया।

राजकुमार राव की लाइफ

राजकुमार राव ने इससे पहले भी 'गैंग्स ऑफ वासेपुर 2' जैसे प्रोजेक्ट्स में छोटा लेकिन यादगार रोल किया था। 'मालिक' में वह एक्शन अवतार में नजर आए, लेकिन स्क्रिप्ट ने उनके टैलेंट के पंख काट दिए। यह फिल्म एक बार फिर साबित करती है कि सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि कहानी की आत्मा ही किसी फिल्म को उड़ान देती है। उन्होंने काय पो छे!, शाहिद, सिटीलाइट्स, अलीगढ़, बरेली की बर्फी, न्यूटन, स्त्री, जजमेंटल है क्या, और छलांग जैसी फिल्मों में अभिनय किया है।

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