फिल्में फ्लॉप फिर भी कम नहीं हुआ राज कुमार का रुतबा, हर बार बढ़ा देते थे अपनी फीस

Raaj Kumar Career: बॉलीवुड दिग्गज एक्टर राज कुमार फिल्मों के फ्लॉप होने पर भी अपनी फीस बढ़ा देते थे। उनका मानना था कि भले ही फिल्म असफल हो, लेकिन उनकी एक्टिंग कभी असफल नहीं होती।
Raaj Kumar Career
राज कुमार (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Raaj Kumar Biography: हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे स्टार्स हुए हैं जिनकी एक्टिंग और शख्सियत का टशन दर्शकों को हमेशा याद रहता है। इन्हीं में से एक नाम एक्टर राज कुमार का है, जो अपनी बुलंद आवाज और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते थे। जब भी वे पर्दे पर आते, अपने अलग तेवर और डायलॉग डिलीवरी से छा जाते थे। वे हमेशा अपनी ही शर्तों पर काम करना पसंद करते थे।

ज्यादातर देखा जाता है कि फिल्में फ्लॉप होने पर कलाकार अपनी फीस घटा देते हैं या उसमें कोई बदलाव नहीं करते, लेकिन राज कुमार का नियम बिल्कुल अलग था। वे फिल्म के असफल होने के बावजूद अपनी फीस सीधे 1 लाख रुपये बढ़ा दिया करते थे।

जब सेक्रेटरी ने फीस बढ़ाने पर उठाया था सवाल

राज कुमार के जीवन से जुड़ा यह किस्सा काफी फेमस है जब उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में अपनी फीस बढ़ाने के फैसले की वजह बताई थी। जब उनके सेक्रेटरी ने हैरान होकर उनसे पूछा कि फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल पाई, फिर आप फीस क्यों बढ़ा रहे हैं? इस पर एक्टर ने अपने खास अंदाज में जवाब दिया कि फिल्म का हिट या फ्लॉप होना उनके बस में नहीं है, पर उन्होंने अपने काम में कोई कसर नहीं छोड़ी।

(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
राज कुमार (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

फिल्म ब़क्स ऑफिस पर चले या न चले, मैं फेल नहीं हुआ

अपने काम के लिए उनका यह आत्मविश्वास ही उनके टशन की असली वजह था। राज कुमार का साफ मानना था कि वे एक कलाकार के रूप में अपना 100 प्रतिशत योगदान देते हैं और अपने हर रोल के साथ पूरा न्याय करते हैं।

उनका साफ कहना था कि "पिक्चर चले या न चले, लेकिन मैं फेल नहीं हुआ।" इसी सोच के तहत वे हर फिल्म के बाद बिना झिझक अपनी फीस में इजाफा कर दिया करते थे।

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घमंड या अटूट आत्मविश्वास, क्या था उनका बर्ताव

इंटरव्यू के इस खुलासे के बाद फिल्म इंडस्ट्री में उनके स्वभाव को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी थीं। कुछ लोगों ने इसे उनका घमंड माना तो कुछ ने इसे उनका अपनी कला के प्रति अटूट आत्मविश्वास कहा।

हालांकि इस तरह की चर्चाओं का एक्टर राज कुमार की पॉपुलेरिटी या स्टारडम पर कभी कोई बुरा असर नहीं पड़ा। निर्माता-निर्देशक उनकी इस शर्त और टशन के साथ भी उन्हें अपनी फिल्मों में लेने के लिए तैयार रहते थे।

बड़े पर्दे पर अमर रहा जानी का यह अंदाज

साल 1952 में फिल्म 'रंगीली' से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राज कुमार ने नरगिस दत्त के साथ 'मदर इंडिया', 'दिल एक मंदिर', 'पाकीजा', 'सौदागर' और 'तिरंगा' जैसी कई यादगार फिल्मों में एक्टिंग की। साल 1991 में दर्शकों को दिलीप कुमार और राज कुमार को एक साथ एक ही फ्रेम में देखने का ऐतिहासिक मौका मिला।

डायरेक्टर सुभाष घई की फिल्म 'सौदागर' में दिलीप कुमार और राज कुमार ने एक साथ काम किया था। एक तरफ जहां दिलीप कुमार का ठहराव और सहज अभिनय था, वहीं दूसरी तरफ राज कुमार का कड़क अंदाज और बुलंद आवाज थी। इन दोनों महानायकों की जुगलबंदी ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए रिकॉर्ड बना दिए थे।

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