जब दिलीप साहब को पता चला कि लता जी महाराष्ट्रीयन बैकग्राउंड से आती हैं, तो उन्होंने उनके उर्दू उच्चारण पर एक हल्का सा तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि जिन्हें उर्दू की अच्छी समझ नहीं होती, उनके गीतों में मराठी प्रभाव आ जाता है और शब्दों के सही उच्चारण में झोल दिखता है।(फाइल फोटो)