आर माधवन (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
मुंबई: बॉलीवुड एक्टर आर माधवन जो इन दिनों अपनी फिल्म केसरी 2 को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच हाल ही में अभिनेता ने भारत के स्कूली पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले इतिहास पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक इंटरव्यू के दौरान माधवन ने यह चिंता जताई कि भारत की प्राचीन और समृद्ध विरासत को इतिहास की किताबों में सही तरीके से जगह नहीं दी गई है।
दरअसल, मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में आर माधवन ने कहा कि “मैं जानता हूं कि यह कहने से मुझे आगे चलकर परेशानी हो सकती है, लेकिन मैं फिर भी बोलना चाहता हूं। जब मैंने स्कूल में इतिहास पढ़ा था, तो उसमें मुगलों के ऊपर आठ चैप्टर्स थे, हड़प्पा और मोहनजोदड़ो पर दो चैप्टर्स, ब्रिटिश शासन और स्वतंत्रता संग्राम पर चार चैप्टर्स थे, लेकिन दक्षिण भारत के समृद्ध साम्राज्यों जैसे चोल, पल्लव, पांड्य और चेरा पर सिर्फ एक ही चैप्टर था।”
चोल वंश को लेकर अभिनेता ने कही ये बात
माधवन ने सवाल करते हुए कहा कि चोल वंश की विरासत लगभग 2400 साल पुरानी है और वे समुद्री ताकत, व्यापार और संस्कृति के मामले में बेहद आगे थे। “चोल साम्राज्य का व्यापार रोम तक फैला हुआ था। उन्होंने अपने जहाजी बेड़े से अंगकोरवाट (कंबोडिया) तक मंदिर बनवाए। उन्होंने जैन, बौद्ध और हिंदू धर्म को चीन तक पहुंचाया। आज भी कोरिया में तमिल भाषा के कई शब्द मिलते हैं, जो बताते हैं कि तमिल संस्कृति कितनी दूर तक फैली थी। इतनी महान विरासत को किताबों में सिर्फ एक चैप्टर में समेट देना क्या न्यायसंगत है?”
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उन्होंने अंत में यह भी कहा, “तमिल दुनिया की सबसे पुरानी भाषा है, लेकिन उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। हमारे पास जो सांस्कृतिक और वैज्ञानिक ज्ञान है, उसका आज भी मजाक उड़ाया जाता है। यह सोचने की जरूरत है कि पाठ्यक्रम तय करने की जिम्मेदारी किसकी थी।”
आखिरी बार इस फिल्म में दिखे थे आर माधवन
आपको बता दें, आर माधवन की यह बात न सिर्फ प्राचीन भारतीय इतिहास की उपेक्षा की ओर इशारा करती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत को भी ध्यान खींचती हैं। इन सबके बीच हाल ही में उनकी फिल्म ‘केसरी 2’ रिलीज हुई है, जो थिएटर में धमाकेदार कलेक्शन कर रही है। इस फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार और अनन्या पांडे भी नजर आई हैं।