सोशल मीडिया पर की गई गलती पड़ सकती है भारी, Preity Zinta केस से समझिए पूरा मामला

Preity Zinta Case On Social Media: प्रीति जिंटा से जुड़े हालिया अदालती मामले के बाद सोशल मीडिया यूजर्स, यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए फेक कंटेंट पोस्ट करने पर कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
Preity Zinta Case
प्रीति जिंटा (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Updated on

Preity Zinta AI Deepfake Case: आज की इंटरनेट की दुनिया जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी खबरों का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे पॉपुलर प्लेटफॉर्म पर केवल कुछ लाइक्स और व्यूज बटोरने की खातिर किसी भी मशहूर हस्ती या आम इंसान की प्रतिष्ठा को धूमिल करना अब बहुत आम बात बन चुकी है।

लेकिन अगर आप भी बिना सोचे-समझे कुछ भी ऑनलाइन शेयर कर देते हैं, तो अब आपको अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। फिल्म एक्ट्रेस प्रीति जिंटा से जुड़े एक ताजा कानूनी विवाद ने इंटरनेट जगत के साथ-साथ डिजिटल सामग्री बनाने वालों के बीच एक जोरदार हलचल बढ़ा दी है।

कोर्ट की हरी झंडी से मरेगा बड़ा तहलका

एक्ट्रेस के एआई-डीपफेक विवाद की शुरुआत तब हुई जब प्रीति जिंटा ने अपने नाम, और छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बेहद आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट के खिलाफ सीधे कोर्ट पहुंच गईं। इस मामले में एक ऐतिहासिक मोड़ तब आया जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने गूगल और मेटा जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की ऑफिशियल मंजूरी दे दी। कोर्ट के इस बड़े फैसले ने साफ संकेत दे दिया है कि ऑनलाइन दुनिया को कोई भी व्यक्ति अपनी मनमानी करने का जरिया नहीं बना सकता। इस फैसले के बाद से इंटरनेट पर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

झूठी अफवाहों पर अब लगेगा लगाम

लोग सोशल मीडिया पर ब्रेकिंग न्यूज के नाम पर बिना किसी ठोस सबूत के कोई भी जानकारी पोस्ट कर देते हैं। कई यूट्यूब चैनल और मीम पेजेस केवल अपनी रीच बढ़ाने के लिए सितारों की पर्सनल लाइफ पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं।

लेकिन अभिनेत्री प्रीति जिंटा के इस साहसिक कदम के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि अब ऐसी झूठी अफवाहों पर बहुत जल्द पूरी तरह से लगाम लग जाएगी।

बॉम्बे HC के बड़े फैसले से मचा तहलका

हाल ही में प्रीति जिंटा के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन होने की खबर सामने आ रही थी। बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका के अनुसार, एआई तकनीक की मदद से एक्ट्रेस प्रीति जिंटा के चेहरे वाले फर्जी वीडियो और मीम्स धड़ल्ले से बनाए जा रहे हैं।

मामले की गंभीरता और पेश किए गए कागजों को देखने के बाद बॉम्बे HC ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस अभय अहूजा की एकल पीठ ने प्रीति जिंटा की इस याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें टेक दिग्गज कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने की हरी झंडी दे दी है।

Navbharat Live
navbharatlive.com