

Pawan Kalyan Reaction CJP Protest: देश की राजनीति और सिनेमा जगत का रिश्ता हमेशा से बेहद दिलचस्प रहा है, लेकिन जब इन दोनों क्षेत्रों के दिग्गज आमने-सामने आ जाएं तो विवाद का गहराना जरूरी हो जाता है। इस समय साउथ सिनेमा के दो दिग्गज चेहरे यानी आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण और फेमस अभिनेता प्रकाश राज के बीच एक अभूतपूर्व जुबानी जंग छिड़ चुकी है।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन ने न केवल सोशल मीडिया पर बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी एक नया घमासान खड़ा कर दिया है, जिससे दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ खडे़ हो हैं।
सीजेपी के पूरे विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब नीट परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन बढ़ गया है। हाल ही में बेंगलुरु में कॉकरोच जनता पार्टी ओर से एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस आंदोलन को धार देने के लिए फिल्म एक्टर प्रकाश राज भी जमीन पर उतरे और उन्होंने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ-साथ संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके का खुलकर सपोर्ट किया। मंच से जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने मौजूदा सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। प्रकाश राज का कहना था कि जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को केवल राजनीति चमकाने के बजाय अपने तय काम पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि अब देश की जनता खामोश बैठने वाली नहीं है।
अभिनेता प्रकाश राज के इस तीखे हमले के बाद सियासत के गलियारों में हलचल तेज हो गई। आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और जन सेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से लिया। दिल्ली के एक बड़े होटल में अपनी पार्टी के बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एक जरूरी समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा पूरी तरह से विपक्षी प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों की रणनीतियों पर केंद्रित था। अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि देश की संप्रभुता और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने अपनी बात को तार्किक और प्रभावी ढंग से रखने के लिए तेलुगु साहित्य की एक बेहद प्रसिद्ध नैतिक पुस्तक सुमति शतकम का सहारा लिया।
उन्होंने कहा कि 'जिस प्रकार छोटे-छोटे जीव या चींटियां एकजुट होकर एक अत्यंत शक्तिशाली सांप को भी परास्त कर देती हैं, ठीक वैसे ही समाज में मौजूद छोटी सोच वाले कुछ लोग मिलकर देश के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।'
डिप्टी सीएम ने अपनी पार्टी के मंच से यह चेतावनी दी कि 'जिन लोगों को देश की जमीनी राजनीति और सांस्कृतिक गरिमा की सही समझ नहीं है, वे केवल समाज में विभाजन पैदा करने और देश की एकता को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।'
सोशल मीडिया पर छिड़ी इस बहस ने तब आक्रामक रूप ले लिया जब पवन कल्याण ने एक बातचीत के दौरान बेहद सख्त शब्दों का प्रयोग किया। पवन कल्याण में विपक्षी विचारकों की नाराजगी पर तंज कसते हुए कहा कि कॉकरोच का असली ठिकाना गटर में ही होता है और शायद यही वजह है कि वह उनके भीतर के इस दर्द और छटपटाहट को अच्छी तरह समझ पा रहे हैं।' इस तीखे बयान ने राजनीतिक पारा और अधिक बढ़ा दिया है। ।