

Prakash Raj CJP Protest Bengaluru: देश में छात्रों का भविष्य इस समय सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। जब देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हो, तो समाज के बड़े चेहरों का शांत बैठना नामुमकिन हो जाता है। ऐसा ही कुछ बेंगलुरु के ऐतिहासिक फ्रीडम पार्क में देखने को मिला। जहां बारिश के बीच हजारों युवाओं की भीड़ एक बड़े आंदोलन का गवाह बनने के लिए डटी हुई थी।
वहीं इस भीड़ को सपोर्ट करने के लिए साउथ के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज और प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक खुद मैदान में उतरे। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट परीक्षा में हुए कथित घोटाले और सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की विसंगतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई
मंच पर आते ही अभिनेता प्रकाश राज ने अपने अंदाज में सरकार पर तीखा हमला बोला। एक्टर प्रकाश राज ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि आजकल जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति को दबाने की कोशिश की जा रही है। अभिनेता प्रकाश राज ने कहा कि 'अगर कोई सरकार की कमियों को उजागर करता है या छात्रों के हक की बात करता है, तो उसे तुरंत देशद्रोही या पाकिस्तानी करार दे दिया जाता है।' प्रकाश राज ने गरजते हुए कहा कि 'सत्ता में बैठे लोग ऐसी ओछी तरकीबों से जनता को चुप कराने का वहम छोड़ दें।' उन्होंने साफ किया कि सच की आवाज उठाने वाले लोग अब इन खोखले आरोपों और धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
मंच से एक्टर प्रकाश राज ने देश की युवा पीढ़ी से भावुक और जरूरी अपील की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब युवाओं को अपने भविष्य की कमान पूरी तरह अपने हाथों में ले लेनी चाहिए। देश के चुने हुए प्रतिनिधि अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।
एक्टर प्रकाशराज ने सवाल उठाया कि जब युवाओं के भविष्य का सवाल हो, तो राजनेता शासन चलाने के बजाय राजनीतिक समीकरण साधने और गोटियां बिठाने में क्यों व्यस्त रहते हैं। राज ने कहा कि जब हुक्मरान सो रहे हों, तो युवाओं को अपनी लड़ाई खुद लड़ने के लिए आगे आना ही होगा।'
सीजेपी का यह प्रदर्शन केवल बेंगलुरु तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे एक देशव्यापी अभियान का हिस्सा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने आर-पार की लड़ाई का एलान किया था।
अभिजीत दिपके ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह देशव्यापी आंदोलन थमने वाला नहीं है। इसी कड़ी में संगठन ने आने वाली 20 जून को देश भर के छात्रों और जनता से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने का आह्वान किया है ताकि व्यवस्था की जवाबदेही तय की जा सके।