पंकज धीर ने इस मामले में दी थी अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी को टक्कर, जानकर आप हो जाएंगे हैरान
Pankaj Dheer on Popularity Polls: पंकज धीर का निधन 68 साल की उम्र में कैंसर से हुआ। पॉपुलैरिटी पोल में पंकज तीसरे स्थान पर रहे, जबकि दूसरे स्थान पर राजीव गांधी और तीसरे स्थान पर अमिताभ बच्चन थे।
- Written By: सोनाली झा
पंकज धीर ने इस मामले में दी थी अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी को टक्कर
Pankaj Dheer secured Third Place in the Popularity Poll: टीवी और भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार पंकज धीर का निधन हो गया है। ‘महाभारत’ में कर्ण के रूप में उनकी भूमिका आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। पंकज लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी वजह से इंडस्ट्री और फैंस के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
पंकज धीर को खास पहचान बीआर चोपड़ा की टेलीविजन श्रृंखला ‘महाभारत’ में सूर्य पुत्र कर्ण के किरदार से मिली। उनकी डायलॉग डिलीवरी और भाव-भंगिमा ने दर्शकों का दिल जीत लिया और उन्हें टीवी के सबसे यादगार एक्टर्स में शामिल कर दिया। हालांकि, कर्ण का रोल मिलने से पहले पंकज को महाभारत और कर्ण के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
पंकज को अर्जुन का रोल हुआ था ऑफर
दरअसल, ऑडिशन के समय पंकज को पहले अर्जुन का रोल ऑफर हुआ था। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि 3-4 महीनों तक वे मुंबई में अर्जुन के रूप में तैयार होते रहे। उनकी कद-काठी और चेहरे की बनावट के कारण उन्हें यह रोल मिला। लेकिन बाद में उन्हें दफ्तर बुलाकर कर्ण का रोल करने के लिए कहा गया। शुरुआत में पंकज ने कर्ण का रोल करने से मना किया क्योंकि उन्हें अपनी मूछें हटानी थीं और उन्हें डर था कि उनका लुक किरदार के लिए फिट नहीं होगा।
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पंकज धीर को मिली थी ये सलाह
फैंस और टीम के कहने पर उन्होंने कर्ण का रोल करने के लिए हां कर दी। शुरुआती दिनों में उनका उच्चारण बिल्कुल शुद्ध नहीं था और संस्कृत के शब्दों में भी परेशानी होती थी। पंकज धीर को अखबार और किताबें पढ़कर अपने उच्चारण और शब्दों को सुधारने की सलाह दी गई। पंकज ने खुद बताया कि मुझे कर्ण के बारे में कुछ नहीं पता था, मैं बंबई का लड़का था।
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बस्तर के गांव में हजारों ने मुंडवाया सिर
कर्ण का रोल पंकज के जीवन को बदलने वाला साबित हुआ। इस भूमिका ने उन्हें अपार लोकप्रियता दिलाई। पॉपुलैरिटी पोल में पंकज धीर तीसरे स्थान पर रहे, जहां पहले स्थान पर राजीव गांधी और दूसरे स्थान पर अमिताभ बच्चन थे। महाभारत में कर्ण की मौत पर दर्शक इतने भावुक हुए कि बस्तर के एक गांव में हजारों लोगों ने अपना सिर मुंडवा लिया। पंकज खुद गांव जाकर फैंस से मिले और उन्हें सांत्वना दी। उनकी जिंदादिली और किरदार के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा फैंस के दिल में जीवित रहेगी।
