Gutkha Ad Controversy में फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ, उपभोक्ता कोर्ट ने जारी किया नोटिस
Gutkha Advertisement Controversy: राजस्थान के बारां उपभोक्ता कोर्ट ने विमल पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन मामले में शाहरुख खान, अजय देवगन, टाइगर श्रॉफ और कंपनी मालिक को नोटिस जारी किया है।
- Written By: सोनाली झा
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ (फोटो- सोशल मीडिया)
Pan Masala Ad Controversy: पान मसाला और गुटखा विज्ञापनों को लेकर एक बार फिर बॉलीवुड सितारे विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इस बार मामला राजस्थान के बारां जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग तक पहुंच गया है, जहां एक शिकायत के आधार पर बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ समेत विमल पान मसाला के मालिक विमल अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है।
यह मामला बारां की एक नागरिक अधिकार संस्था द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया है। शिकायतकर्ता वीरेंद्र सिंह का आरोप है कि विमल पान मसाला के विज्ञापनों में उत्पाद में केसर होने का दावा किया जाता है, जो वास्तविकता से परे और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाला है। उनका कहना है कि बाजार में पांच रुपये में बिकने वाले पाउच में इतनी महंगी केसर मिलाना संभव नहीं लगता।
कोर्ट ने मांगा 30 दिन के भीतर जवाब
उपभोक्ता आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि सभी आरोपियों को नोटिस प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। इसके लिए 9 जुलाई की तारीख तय की गई है। साथ ही आयोग ने विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख निर्धारित की है।
सम्बंधित ख़बरें
Dhamal 4 Release Date: फैंस का इंतजार खत्म! ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट आई सामने, फिर गूंजेगी कॉमेडी की महफिल
Lock Upp Sach Ya Saza की पहली झलक ने बढ़ाया रोमांच, फराह खान और रितेश देशमुख की एंट्री से बढ़ा सस्पेंस
Sapna Choudhary Case: 4 साल का प्यार, फिर की शादी…सपना चौधरी अब हुई घरेलू हिंसा का शिकार, जानिए पूरी कहानी
Alpha Teaser Out: आलिया भट्ट बनीं भेड़िया, बॉबी देओल के साथ दिखी दमदार कैमिस्ट्री
पहले भी उठते रहे हैं विज्ञापनों पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब पान मसाला और गुटखा ब्रांड्स के विज्ञापनों को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी कई सामाजिक संगठनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसे विज्ञापनों पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क रहा है कि लोकप्रिय फिल्म सितारों द्वारा ऐसे उत्पादों का प्रचार युवाओं और आम लोगों पर नेगेटिव प्रभाव डाल सकता है।
कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं निगाहें
फिलहाल इस मामले में सभी की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं। यदि अदालत को शिकायत में दम नजर आता है, तो विज्ञापन से जुड़े दावों की जांच और भी गहराई से की जा सकती है। वहीं संबंधित कलाकारों और कंपनी की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
