एक्टिंग और भरतनाट्यम में दिखाया हुनर, फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने वाली पद्मिनी ने राजनीति में भी आजमाया था हाथ

Actress Padmini Bharatanatyam Dancer: पद्मिनी भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री और भरतनाट्यम डांसर थीं। उन्होंने ‘मेरा नाम जोकर’ और ‘जिस देश में गंगा बहती है’ जैसी फिल्मों में काम किया।
Padmini Death Anniversary Special Story
अभिनेत्री पद्मिनी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Padmini Death Anniversary Special Story: भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री पद्मिनी ने अपने शानदार अभिनय और नृत्य से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी। 12 जून 1932 को तिरुवनंतपुरम में जन्मीं पद्मिनी ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, हिंदी और रूसी भाषा की फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में भी उन्होंने कई यादगार फिल्मों का हिस्सा बनकर अपनी अलग पहचान बनाई। 24 सितंबर 2006 को चेन्नई में उनका निधन हो गया था।

पद्मिनी का जन्म तिरुवनंतपुरम के पूजाप्पुरा में हुआ था। उनके पिता का नाम थंकअप्पन पिल्लई और मां का नाम सरस्वती था। उनकी बड़ी बहन ललिता और छोटी बहन रागिनी भी फिल्म और डांस की दुनिया से जुड़ी थीं। तीनों बहनों को मिलाकर ‘त्रावणकोर सिस्टर्स’ के नाम से जाना जाता था। पद्मिनी ने कम उम्र में ही नृत्य की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी और आगे चलकर भरतनाट्यम की बेहतरीन डांसर बनीं। इसके बाद उन्होंने फिल्मों का रुख किया।

राज कपूर समेत कई बड़े सितारों के साथ किया काम

पद्मिनी ने अपने करियर में कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वह जिस देश में गंगा बहती है, मेरा नाम जोकर, आशिक, अफसाना, चंदा और बिजली, मस्ताना और राजतिलक जैसी फिल्मों में नजर आईं। उन्होंने राज कपूर, राज कुमार, देव आनंद, प्रेम नजीर, एम जी रामचंद्रन और शिवाजी गणेशन जैसे कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। साल 1966 में फिल्म ‘काजल’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग अभिनेत्री का अवॉर्ड भी मिला।

Padmini Bharatanatyam Dancer
अभिनेत्री पद्मिनी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)

भारत-चीन युद्ध के दौरान जवानों का बढ़ाया हौसला

पद्मिनी के जीवन का एक खास पहलू भारत-चीन युद्ध के दौरान उनका योगदान भी रहा। साल 1962 में वह सेना के कैंपों में जाती थीं और जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए डांस परफॉर्मेंस देती थीं। उनकी प्रस्तुतियों को काफी सराहना मिली और वह सैनिकों के बीच जाकर उनका उत्साह बढ़ाती थीं। पद्मिनी ने राजनीति में भी कदम रखा। साल 1966 और 1971 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था।

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निर्देशन में भी आजमाया हाथ

अभिनेत्री पद्मिनी ने साल 1989 में फिल्म ‘मोहब्बत का पैगाम’ के जरिए निर्देशन में कदम रखा। हालांकि, उनका सबसे ज्यादा याद किया जाने वाला योगदान अभिनय और भरतनाट्यम के क्षेत्र में रहा। 24 सितंबर 2006 को चेन्नई में निधन के बाद भी उनकी फिल्मों और कला के जरिए उनकी यादें आज भी कायम हैं।

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