‘सरके चुनर’ विवाद ने बढ़ाई नोरा फतेही की मुसीबत, वर्क परमिट रद्द करने की मांग, क्या भारत से होंगी डिपोर्ट?

Nora Fatehi Controversy: नोरा फतेही के गाने ‘सरके चुनर तेरी’ ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। वकीलों ने वर्क परमिट रद्द कर देश से बाहर करने तक की मांग कर डाली है।
Nora Fatehi Deport Demand
नोरा फतेही (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Nora Fatehi Deport Demand: कनाडा मूल की बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही एक बार फिर बड़े विवाद में घिर गई हैं। कन्नड़ फिल्म केडी: द डेविल के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। गाने के हिंदी वर्जन में कथित अश्लील बोलों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

मामला अब कानूनी रूप भी लेता नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 वकीलों के एक समूह ने गृह मंत्रालय से शिकायत कर नोरा फतेही का वर्क परमिट रद्द करने और उन्हें भारत से डिपोर्ट करने की मांग की है। यही नहीं, यह शिकायत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, Central Board of Film Certification (CBFC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग तक भी पहुंचाई गई है।

नोरा फतेही की वर्क परमिट रद्द करने की मांग

वकीलों का आरोप है कि यह गाना “बेहद अश्लील” और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने विदेशी अधिनियम, 1946 और पासपोर्ट अधिनियम, 1920 का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में कार्रवाई का पूरा अधिकार है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता, महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 और आईटी एक्ट, 2000 के उल्लंघन का भी दावा किया गया है। इस पूरे विवाद के बीच संजय दत्त भी इस गाने का हिस्सा हैं, लेकिन आलोचना का बड़ा हिस्सा नोरा फतेही पर ही केंद्रित है, जिसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

एक्टेस ने विवाद बढ़ने के बाद दी थी सफाई

वहीं, नोरा फतेही ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने यह गाना तीन साल पहले कन्नड़ भाषा में शूट किया था और उन्हें इसके हिंदी वर्जन या बदले हुए बोलों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मेकर्स ने बिना उनकी अनुमति के गाने को हिंदी में डब किया और लिरिक्स बदले। यहां तक कि AI से बनाई गई कुछ तस्वीरों के इस्तेमाल पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

नोरा के मुताबिक, जब उन्होंने हिंदी वर्जन देखा तो उन्हें अंदाजा हो गया था कि इस पर विवाद होगा, जिसके बाद उन्होंने खुद को इस प्रोजेक्ट से अलग कर लिया और इसका प्रमोशन भी नहीं किया।

वकीलों ने खारिज कर दी थी दलील

हालांकि, याचिकाकर्ता वकीलों ने उनकी इस सफाई को “बाद में दी गई दलील” बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि किसी भी कलाकार को प्रोजेक्ट से जुड़े कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

इस विवाद ने अब और तूल पकड़ लिया है, क्योंकि अलीगढ़ की एक धार्मिक संस्था ने भी नोरा फतेही के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। वहीं संसद में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी, जिसके बाद सरकार ने इस गाने पर बैन लगाने का फैसला लिया। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आगे किस दिशा में जाता है और क्या नोरा फतेही को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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