

Mukesh Khanna National Anthem Statement: टीवी के फेमस शो शक्तिमान और बीआर चोपड़ा की महाभारत में भीष्म पितामह का कालजयी भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ एक्टर मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने तीखे और बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। अपने बयानों के चलते अक्सर चर्चा में रहने वाले इस अभिनेता ने इस बार देश के राष्ट्रगान को लेकर बेहद चौंकाने वाली मांग रख दी है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर देश के राजनीतिक व सांस्कृतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है।
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू के दौरान मुकेश खन्ना ने कहा कि देश में लागू वर्तमान राष्ट्रगान 'जन गण मन' को जितनी जल्दी हो सके हटा देना चाहिए। उनकी साफ राय है कि 'जन गण मन' की जगह 'वंदे मातरम' को आधिकारिक तौर पर भारत का राष्ट्रगान घोषित किया जाना चाहिए।
मुकेश खन्ना का मानना है कि 'वंदे मातरम' में भारत की आत्मा और मिट्टी की खुशबू रची-बसी है। उन्होंने कहा कि वह लगभग 3 साल पहले से यह मुद्दा उठाते आ रहे हैं और अब समय आ गया है कि इस पर फौरन कोई बड़ा फैसला लिया जाए।
अपनी बात को सही ठहराते हुए मुकेश खन्ना ने 'जन गण मन' के इतिहास को लेकर एक बड़ा दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि यह गीत हमारे देश का अपना नहीं है। उनके मुताबिक, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे ब्रिटिश शासन के दौरान महारानी के सम्मान में एक स्तुति गान के रूप में रचा था, जिसे बाद में स्वीकार कर लिया गया।
मुकेश खन्ना ने यह भी तर्क दिया कि इस गीत के कुछ शब्द भारत की वास्तविक राष्ट्रीय चेतना का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। हालांकि उनके इस ऐतिहासिक दावे और शब्दों के उच्चारण पर कई सवाल भी खड़े किए जा रहे हैं।
मुकेश खन्ना ने अपनी बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने 'वंदे मातरम' को वह मान-सम्मान देना शुरू कर दिया है, जिसकी इसे हमेशा से जरूरत थी। देश के विभिन्न स्कूलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अब इसे जरूरी रूप से गाया जा रहा है।
इसी कड़ी में अपनी योगदान का जिक्र करते हुए मुकेश खन्ना ने बताया कि उन्होंने खुद 7 मिनट की अवधि वाला 'वंदे मातरम' रिकॉर्ड किया है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनका यह नया प्रोजेक्ट आने वाले समय में एक आइकॉनिक प्रस्तुति बनकर उभरेगा।