'सिस्टम की देन है अम्मा', 'मर्दानी 3' को लेकर बोलीं मल्लिका प्रसाद, समाज खुद अपने दुश्मन गढ़ता है

Mardaani 3 Mallika Prasad Interview: 'मर्दानी 3' में 'अम्मा' का किरदार निभाने वाली मल्लिका प्रसाद ने अपने रोल और समाज के सिस्टम पर खुलकर बात की। जानें क्यों खास है यह विलेन।
Mardaani 3 Mallika Prasad Interview
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Mardaani 3 Mallika Prasad: रानी मुखर्जी स्टारर 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी ने एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। 'मर्दानी 3' को दर्शकों और समीक्षकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म अपनी दमदार कहानी और सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए चर्चा में है, लेकिन इस बार फिल्म की खलनायिका 'अम्मा' ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। 'अम्मा' का चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने वाली अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद ने हाल ही में अपने रोल और फिल्म के गहरे संदेश पर विस्तार से बात की।

आईएएनएस (IANS) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में मल्लिका प्रसाद ने बताया कि 'अम्मा' का किरदार कोई साधारण विलेन नहीं है। उनके अनुसार, यह किरदार उस सड़े हुए सिस्टम का आईना है जिसे हम और आप मिलकर बनाते हैं। मल्लिका ने अपने अभिनय के जरिए यह दिखाने की कोशिश की है कि एक अपराधी रातों-रात पैदा नहीं होता, बल्कि उसके पीछे सालों का शोषण और अन्याय छिपा होता है।

सिस्टम की उपज है 'अम्मा' का किरदार

मल्लिका प्रसाद ने अपने किरदार का विश्लेषण करते हुए कहा कि 'अम्मा' को केवल एक बुरी महिला के रूप में देखना गलत होगा। उन्होंने कहा, "अम्मा कोई अलग से पैदा हुई शैतानी ताकत नहीं है। वह उस समाज का नतीजा है जहां भ्रष्टाचार और अन्याय चरम पर है। जब किसी व्यक्ति से बार-बार उसका हक छीना जाता है और सिस्टम उसे न्याय देने में विफल रहता है, तो वह व्यक्ति कठोर और खतरनाक बन जाता है।" मल्लिका के अनुसार, अम्मा उसी टूटे हुए भरोसे का एक चेहरा है।

समाज खुद गढ़ता है अपने दुश्मन

साक्षात्कार के दौरान मल्लिका ने एक डराने वाली लेकिन सच्ची बात कही कि हमारा समाज खुद अपने लिए दुश्मन तैयार करता है। उन्होंने कहा, "रोजमर्रा की छोटी-छोटी नाइंसाफी और लोगों की अनदेखी ही ऐसे किरदारों को जन्म देती है।" मल्लिका ने इस रोल को निभाने के लिए उसे एक 'नेगेटिव कैरेक्टर' के बजाय एक 'इंसान' के तौर पर समझने की कोशिश की, ताकि पर्दे पर उसका दर्द और गुस्सा वास्तविक लग सके।

मोगैंबो और गब्बर सिंह से तुलना

प्रभावशाली खलनायकों के बारे में बात करते हुए मल्लिका ने 'मोगैंबो' और 'गब्बर सिंह' जैसे प्रतिष्ठित किरदारों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे विलेन इसलिए याद रहते हैं क्योंकि वे कहानी को एक मजबूत दिशा देते हैं। एक महिला विलेन के तौर पर मल्लिका का मानना है कि खलनायिका को सिर्फ गुस्से तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसमें छिपी इंसानियत और दर्द के पलों को भी दिखाना चाहिए। यही बारीकियां 'मर्दानी 3' में उनके किरदार को यादगार और असरदार बना रही हैं।