Manoj Bajpayee Career: कभी पैसों की कमी से जूझे मनोज बाजपेयी, आज हैं नेशनल अवॉर्ड विनर, साझा की खास बातें
Manoj Bajpayee Struggle Journey: हिन्दी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अपनी आने वाली फिल्म 'गवर्नर' के प्रमोशन पर अपने करियर की 3 सबसे बेहतरीन फिल्मों के संघर्ष को शेयर किया।
- Written By: यति सिंह
मनोज बाजपेयी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Manoj Bajpayee Struggle Story: हिंदी सिनेमा जगत में अपनी बेमिसाल एक्टर का लोहा मनवाने वाले अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी नई फिल्म को लेकर सुर्खियों में छाए हुए हैं। हिंदी सिनेमा के बड़े पर्दे पर लीक से हटकर किरदार निभाने के लिए मशहूर मनोज बाजपेयी का फिल्मी सफर कभी भी आसान नहीं रहा है। आज जब मनोज वाजपयी सफलता के चोटी पर हैं, तब भी वे अपने पुराने दिनों के संघर्ष को नहीं भूले हैं।
मनोज बाजपेयी अपनी आने वाली फिल्म के सिलसिले में बातचीत करते हुए उन्होंने बीती जिंदगी के कुछ ऐसे राज खोले हैं, जो किसी को भी भावुक कर सकते हैं। मनोज वाजपेयी ने बताया कि कैसे पैसे की भारी किल्लत और परिस्थितियों के बीच कुछ ऐसी कल्ट फिल्में बनकर तैयार हुईं, जिन्होंने आगे चलकर इतिहास रच दिया।
मामूली बजट में यूट्यूब पर बना इतिहास
अभिनेता मनोज बाजपेयी के करियर में फिल्म डायरेक्टर देवाशीष मखीजा के साथ काम करने का अनुभव बेहद अलग रहा है। जब देवाशीष इस चकाचौंध भरी इंडस्ट्री में बिल्कुल नए थे, तब उनके पास कला को दिखाने के लिए बेहतरीन विचार तो थे लेकिन संसाधनों की भारी कमी थी। ऐसी स्थिति में मनोज बाजपेयी ने देवाशीष मखीजाका साथ दिया और दोनों ने मिलकर सबसे पहले ‘तांडव’ नाम की एक छोटी फिल्म बनाई।
सम्बंधित ख़बरें
वीकेंड पर चला वरुण धवन का जादू, जानें Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai ने 2 दिन में किया कितना कलेक्शन?
Bandar Collection Day 2: बॉक्स ऑफिस पर फीकी पड़ी बॉबी देओल की ‘बंदर’, जानें 2 दिन का कुल कलेक्शन
Khwaja Ahmad Abbas Career: जब अब्बास साहब ने परखा अमिताभ बच्चन का हुनर, सदी के महानायक को मिली नई पहचान
समाज के दोहरे मापदंडों पर माधुरी दीक्षित का बयान, कहा- महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग हैं नियम
बतादें कि इस छोटी फिल्म को बनाने में बेहद कम पैसा लगा था और ये सिर्फ 30-35 लाख रुपये के मामूली बजट में सिमट गई थी। जब तांडव फिल्म को इंटरनेट के डिजिटल प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर रिलीज किया गया, तो इसे दर्शकों का बेशुमार प्यार मिला। देखते ही देखते इस फिल्म ने सफलता के झंडे गाड़ दिए और कई अंतरराष्ट्रीय स्टेज पर पुरस्कार भी प्राप्त किए।
पैसे जुटाने के लिए दर-दर भटके थे मनोज वाजपेयी
शॉर्ट फिल्म की अपार सक्सेस के बाद दोनों के हौसले बुलंद थे, जिसके बाद उन्होंने एक बड़े प्रोजेक्ट ‘भोंसले’ पर काम करने का मन बनाया। हालांकि इस बार भी रास्ता आसान नहीं था क्योंकि फिल्म के लिए कोई भी बड़ा प्रोड्यूसर पैसा लगाने को तैयार नहीं था। ऐसे मुश्किल समय में मनोज बाजपेयी खुद आगे आए और उन्होंने इस कलात्मक सिनेमा को जिंदा रखने के लिए फंड इकट्ठा करने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली। वे काफी समय तक फिल्म के लिए आर्थिक मदद का इंतजाम करने में दिन-रात जुटे रहे।
यह भी पढ़ें: Vikrant Massey Fitness: फिटनेस का सीक्रेट आया सामने! विक्रांत मैसी और ऐश्वर्या राज ने खोले हेल्दी लाइफ के राज
शूटिंग के दौरान हिल गई थी मनोज की आत्मा
बता दें कि जब ‘भोंसले’ की शूटिंग का काम चल रहा था, उसी दौरान देवाशीष मखीजा ने मनोज बाजपेयी को एक नई कहानी सुनाई थी, जो आगे चलकर ‘जोरम’ के नाम से सबके सामने आई। इस बार फिल्म की कहानी इतनी दमदार थी कि इसे बनाने के लिए जी स्टूडियोज जैसा बड़ा प्रोडक्शन हाउस आगे आया।
बीते दौर की इन शानदार फिल्मों की यादों को शेयर करने के साथ ही मनोज बाजपेयी अपनी नई फिल्म ‘गवर्नर’ के जोरदार प्रमोशन में व्यस्त हैं। फिल्म गवर्नर में मनोज बाजपेयी एक बेहद ही गंभीर और शक्तिशाली भूमिका में नजर आने वाले हैं
