Independent Filmmaker के तौर पर मधुर भंडारकर ने कही बड़ी बात, बोले- हम किसी लॉबी या गैंग का हिस्सा नहीं

Madhur Bhandarkar ने इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स की चुनौतियों और सिनेमा की सफलता पर बात की। उन्होंने कहा कि बॉक्स ऑफिस से ज्यादा जरूरी दर्शकों का प्यार, जुड़ाव और वर्षों तक याद रहना है।
Madhur Bhandarkar
मधुर भंडारकर (सौ. सोशल मीडिया)
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Madhur Bhandarkar Independent Filmmaker: चांदनी बार, फैशन और बबली बाउंसर जैसी बेहतरीन फिल्म बनाने वाले मधुर भंडारकर ने हाल ही में अपने फिल्ममेकिंग करियर को लेकर बड़ी बात कही है। मधुर भंडारकर ने कहा है कि उनके जैसे इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर फिल्म इंडस्ट्री में किसी लॉबी, गैंग या गुट का हिस्सा नहीं होते।

मधुर भंडारकर ने पहली बार इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर के रुप में चुप्पी तोड़ी है। उनके अनुसार, किसी फिल्म की सफलता का असली पैमाना सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन नहीं, बल्कि दर्शकों के दिल में उसकी जगह और लंबे समय तक बना रहने वाला जुड़ाव है।

बॉक्स ऑफिस का अनुमान लगाना मुश्किल

अपने फिल्मी सफर पर बात करते हुए मधुर भंडारकर ने कहा कि यह पहले से तय करना संभव नहीं है कि कौन सी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चलेगी और कब दर्शक किसी फिल्म को पसंद करेंगे। उनके अनुसार, दर्शकों की पसंद को पूरी तरह समझ पाना आसान नहीं होता और इसी अनिश्चितता के बीच फिल्ममेकर को अपनी कहानी पर भरोसा रखना पड़ता है।

किसी लॉबी या गैंग का हिस्सा नहीं

मधुर भंडारकर ने इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर के तौर पर काम करने की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वतंत्र फिल्मकार किसी खास लॉबी, गैंग या गुट का हिस्सा नहीं होते। ऐसे में उनके लिए अपनी पसंद की कहानियां चुनना और उन्हें दर्शकों तक पहुंचाना एक अलग तरह की चुनौती होती है।

‘चांदनी बार’ से ‘फैशन’ तक

मधुर भंडारकर ने अपने करियर की चांदनी बार, पेज 3, फैशन और हीरोइन जैसी फिल्मों को याद किया। इन फिल्मों के जरिए उन्होंने समाज और फिल्म इंडस्ट्री की अलग-अलग दुनिया को पर्दे पर दिखाने की कोशिश की। उनका कहना है कि किसी विषय को समझने के लिए वह अक्सर फिल्मों के बीच दो से तीन साल का समय लेते हैं और उस दुनिया पर गहराई से रिसर्च करते हैं।

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ओटीटी और यूट्यूब ने दी फिल्मों को नई जिंदगी

फिल्ममेकर ने यह भी बताया कि ओटीटी और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म ने उनकी पुरानी फिल्मों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। कई युवा दर्शक अब ऐसी फिल्मों को देख पा रहे हैं, जिन्हें उन्होंने थिएटर में रिलीज के समय नहीं देखा था।

वर्षों बाद याद रहना है असली सफलता

चांदनी बार के लंबे समय तक बने रहने वाले प्रभाव पर मधुर भंडारकर ने कहा कि फिल्ममेकर की वास्तविक संपत्ति उसके दर्शक होते हैं। उनके लिए यह ज्यादा मायने रखता है कि कोई फिल्म रिलीज के 20 या 25 साल बाद भी दर्शकों को याद रहे और उसकी तारीफ की जाए। उनके अनुसार, दर्शकों और फिल्ममेकर के बीच बना यह रिश्ता किसी भी बॉक्स ऑफिस आंकड़े से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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